धनबाद. बीसीसीएल (BCCL) बरोरा एरिया-1 के तहत भारत सरकार की बड़ी महत्वाकांक्षी परियोजना ‘मधुबन कोल प्रोजेक्ट’ को लेकर सोमवार, 30 मार्च 2026 को आयोजित जनसुनवाई में भारी हंगामा हुआ. पर्यावरण स्वीकृति (Environmental Clearance) के उद्देश्य से रखी गई इस बैठक का सात गांवों के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया और परियोजना स्थल के मुख्य द्वार पर बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की.
ग्रामीणों का आरोप: ‘सिर्फ खानापूर्ति कर रही बीसीसीएल’ प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि बीसीसीएल की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह जनसुनवाई केवल एक ‘खानापूर्ति’ है और वे प्रबंधन के आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं. उनकी प्रमुख मांग थी कि यह कार्यक्रम सामुदायिक भवन के बजाय सीधे प्रभावित गांवों में आयोजित किया जाना चाहिए था ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी बात रख सकें.
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी हंगामे के बीच जिला प्रशासन की ओर से धनबाद एसी (Additional Collector) विनोद कुमार, बाघमारा अंचल अधिकारी गिरजा नन्द किस्कू, बरोरा एरिया-1 के जीएम के.के. सिंह और पीओ टी.एस. चौहान मौजूद रहे. सुरक्षा और विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए तोपचांची सर्कल इंस्पेक्टर के साथ बाघमारा और बरोरा पुलिस की भारी तैनाती की गई थी.
एसी ने कार्यक्रम को बताया सफल विरोध के बावजूद धनबाद एसी विनोद कुमार ने इस जनसुनवाई को सफल करार दिया. उन्होंने कहा, “जब भी कोई बड़ा प्रोजेक्ट धरातल पर आता है, तो विरोध होना स्वाभाविक है. यह अच्छी बात है कि लोग जागरूक हैं. शुरुआत में ग्रामीणों ने हंगामा किया, लेकिन बाद में उन्होंने प्रोजेक्ट की बारीकियों को समझा.”
अगला कदम: प्रशासन द्वारा जनसुनवाई की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी. सरकार से अंतिम अनुमति मिलने के बाद ही प्रोजेक्ट के अगले चरण का काम शुरू किया जाएगा. फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है.
