सिमडेगा. जिला उपायुक्त (डीसी) कंचन सिंह ने गुरुवार देर शाम शहर के सहयोग विलेज (बालिका एवं बालक गृह) का औचक निरीक्षण किया. इस अचानक हुई कार्रवाई से संस्थान के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया. डीसी ने वहां रह रहे बच्चों के आवास, भोजन, स्वच्छता और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की बारीकी से जांच की.
जमीन पर बैठकर बच्चों के साथ साझा किया भोजन
निरीक्षण के दौरान डीसी कंचन सिंह ने संवेदनशीलता और सादगी का परिचय दिया.
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गुणवत्ता की जांच: भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए उन्होंने किसी औपचारिकता के बजाय बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाया.
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पोषण का आकलन: उन्होंने स्वयं खाने के स्वाद, मात्रा और पोषण स्तर को जांचा और निर्देश दिया कि बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन में स्वच्छता और पौष्टिकता से कोई समझौता न किया जाए.
शिक्षा को बताया सफलता का आधार
भोजन के उपरांत उपायुक्त अध्ययन कक्ष (Study Room) पहुँचीं, जहाँ उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद किया.
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प्रेरणा: उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की एकमात्र कुंजी है.
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लक्ष्य: डीसी ने बच्चों से उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में बात की और उन्हें मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें.
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
रसोईघर और शयनकक्षों के निरीक्षण के दौरान डीसी ने साफ-सफाई की स्थिति पर असंतोष जाहिर करते हुए कड़े निर्देश दिए.
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जीरो टॉलरेंस: उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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उपस्थिति: इस निरीक्षण के दौरान नजारत उप समाहर्ता-सह-सदर बीडीओ समीर रेनियर खालखो सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
