पटना. बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज अपने दिल्ली दौरे पर रवाना हो रहे हैं. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी यह पहली आधिकारिक मुलाकात होगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार के विकास कार्यों, केंद्र-राज्य समन्वय और आगामी प्रशासनिक सुधारों पर विस्तृत चर्चा होगी.
मुलाकात में क्यों हुई देरी? जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के व्यस्त प्रचार कार्यक्रम के कारण प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से समय मिलने में कुछ देरी हुई. अब प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम से समय मिलने के बाद सम्राट चौधरी अपनी पहली शिष्टाचार भेंट के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं.
15 अप्रैल को संभाली थी कमान:
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ऐतिहासिक शपथ: सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. यह राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली पहली सरकार के तौर पर एक ऐतिहासिक बदलाव है.
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कैबिनेट: उनके साथ जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री, विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी शपथ ली थी.
एक्टिव मोड में मुख्यमंत्री: शपथ लेने के बाद से ही सम्राट चौधरी लगातार एक्शन में नजर आ रहे हैं:
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जनता दरबार: वे नियमित रूप से जनता की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दे रहे हैं.
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जीरो टॉलरेंस: पदभार संभालते ही उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने और प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की बात कही है.
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महिला सशक्तिकरण: हाल ही में पटना में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ में उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
राजनीतिक मायने: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात के दौरान बिहार के लिए विशेष पैकेज, औद्योगिक विकास और आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों जैसे अहम मुद्दों पर भी बात हो सकती है. सम्राट चौधरी का लक्ष्य बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना है, जिसके लिए केंद्र का सहयोग अनिवार्य है.
