पटना. बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य के सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली सुधारने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब दफ्तरों में लेटलतीफी और मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार के नए आदेश के अनुसार, समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जाएगी।
वेतन और उपस्थिति को लेकर सख्त नियम:
-
वेतन कटौती: यदि कोई कर्मचारी देर से आता है और उसके पास आकस्मिक अवकाश (CL) शेष नहीं है, तो उस अवधि का वेतन काट लिया जाएगा।
-
अटेंडेंस आधारित सैलरी: अब सभी विभागों में सैलरी बिल केवल ‘उपस्थिति विवरणी’ के आधार पर ही तैयार किए जाएंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) पर भी कार्रवाई होगी।
-
बायोमेट्रिक सख्ती: साल 2022 से अनिवार्य की गई बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अब और अधिक कड़ाई से लागू करने का आदेश दिया गया है।
क्या होगा नया ऑफिस टाइम?
सरकार ने विभिन्न कार्यालयों के लिए समय सीमा स्पष्ट कर दी है:
| कार्यालय का प्रकार | कार्य दिवस | समय (महिला कर्मी) | समय (पुरुष कर्मी) |
| सचिवालय/मुख्यालय | 5 दिवसीय | सुबह 9:30 – शाम 5:00 | सुबह 9:30 – शाम 6:00 |
| क्षेत्रीय कार्यालय | 6 दिवसीय | सुबह 10:00 – शाम 5:00 | सुबह 10:00 – शाम 5:00 |
(नोट: क्षेत्रीय कार्यालयों में सर्दियों के दौरान समय सुबह 10:30 से शाम 5:00 बजे तक रहेगा। दोपहर 1:00 से 2:00 बजे तक भोजन अवकाश (Lunch Break) निर्धारित है।)
औचक निरीक्षण की तैयारी:
मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से दफ्तरों का औचक निरीक्षण करें। यदि निरीक्षण के दौरान कोई कर्मचारी बिना सूचना के गायब पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सम्राट सरकार का यह कदम सरकारी कामकाज की गुणवत्ता बढ़ाने और आम जनता को समय पर सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
