रांची. झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर परिसर में हुई गार्ड की निर्मम हत्या के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिस पर राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों— बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा ने कड़ा ऐतराज जताते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
बाबूलाल मरांडी: “सांप निकल जाने के बाद लाठी पीट रही पुलिस” झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
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सुरक्षा पर सवाल: विधानसभा और हाई कोर्ट जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में मंदिर के अंदर घुसकर हत्या करना पुलिस के नकारेपन को दर्शाता है।
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विफलता: रांची में दो दिनों के भीतर मंदिर के पास यह दूसरी हत्या है। पुलिस अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
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जवाबदेही: उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चुप्पी तोड़ने की मांग करते हुए कहा कि अयोग्य पुलिस अधिकारियों को हटाएं और एसपी-एसएसपी की जवाबदेही तय करें।
अर्जुन मुंडा: “क्या यह सुरक्षा का नया मॉडल है?” पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सरकार के सुरक्षा दावों पर सवाल उठाते हुए कहा:
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दिखावे की सुरक्षा: अति-संवेदनशील स्थलों के पास स्थित मंदिर में एक प्रहरी तक सुरक्षित नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ एक दिखावा बनकर रह गई है।
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जनता में डर: मुंडा ने कहा कि आज राज्य में मंदिर जैसे पवित्र स्थल भी सुरक्षित नहीं हैं, ऐसे में आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए किस पर भरोसा करे?
क्या है मामला? रांची के जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले गार्ड की अज्ञात अपराधियों ने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इतने महत्वपूर्ण क्षेत्र में हुई इस वारदात ने प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
