ईरान की समुद्री नाकेबंदी: अमेरिकी नौसेना ने घेरा ईरानी जहाज, मरीन कमांडोज ने हेलीकॉप्टर से की छापेमारी; 34 जहाज वापस मुड़े

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वॉशिंगटन/सेंटकॉम. खाड़ी क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में तनाव चरम पर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसके गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ‘USS राफेल पेराल्टा’ (DDG 115) ने एक ईरानी झंडे वाले जहाज को बीच समुद्र में रोक लिया है। 24 अप्रैल को हुई इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी नौसेना के दल ने जहाज पर कब्जा कर जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रपति के आदेश पर सख्त नाकेबंदी: पेंटागन में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने घोषणा की कि राष्ट्रपति के आदेश पर ईरान के खिलाफ ‘सख्त समुद्री नाकेबंदी’ लागू कर दी गई है।

  • 34 जहाज वापस लौटे: नाकेबंदी के डर से अब तक 34 कमर्शियल जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है।

  • सैन्य ऑपरेशन की चेतावनी: जनरल केन ने साफ किया कि अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने वाले हर संदिग्ध जहाज को रोकने के लिए बड़े सैन्य ऑपरेशन के लिए तैयार है।

मरीन कमांडो का ‘टूस्का’ पर धावा: जब ‘टूस्का’ (Tuska) नामक जहाज ने अमेरिकी चेतावनी को अनसुना कर दिया, तो मरीन कमांडोज ने हेलीकॉप्टर के जरिए रस्सियों से उतरकर जहाज पर धावा बोल दिया। वर्तमान में यह जहाज और इसका चालक दल (Crew) अमेरिकी हिरासत में है।

लाखों बैरल तेल जब्त: अमेरिका ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उसके तेल निर्यात पर भी कड़ा प्रहार किया है:

  • Tiffany टैंकर: 20 अप्रैल को 20 लाख बैरल ईरानी तेल ले जा रहे इस विशाल टैंकर को जब्त किया गया।

  • Majestic X: 22 अप्रैल को हिंद महासागर में इस ‘बिना देश वाले’ टैंकर को भी अमेरिकी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया।

‘डार्क फ्लीट’ पर ग्लोबल एक्शन: अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की मदद से सेना 8 अप्रैल से ही ‘डार्क फ्लीट’ (वे संदिग्ध जहाज जो अपनी लोकेशन छुपाकर व्यापार करते हैं) के खिलाफ वैश्विक अभियान चला रही है। जनरल केन ने इस दौरान 18 अप्रैल 1983 के बेरूत धमाकों को याद करते हुए कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए किसी भी हद तक जाएगा।

सेंटकॉम के अनुसार, यह नाकेबंदी उन सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी जो ईरान के साथ व्यापारिक संपर्क में हैं। आने वाले दिनों में समुद्र में यह घेराबंदी और भी सख्त होने की संभावना है।

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