लोहरदगा: NH-39 बना ‘डेथ सेंटर’; एक हफ्ते में 5 मौतें, धूल और जर्जर सड़क ले रही लोगों की जान, ग्रामीणों ने किया जोरदार हंगामा

झारखंड

लोहरदगा. नेशनल हाईवे 39 (कुड़ू-रांची मुख्य पथ) पर कुड़ू से उदयपुरा तक बन रही फोरलेन सड़क अब राहगीरों के लिए काल साबित हो रही है। पिछले एक सप्ताह के भीतर इस पैच पर हुई चार अलग-अलग दुर्घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। शुक्रवार को एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने सड़क जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

क्यों हो रहे हैं हादसे? स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटनाओं के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:

  1. संकीर्ण और जर्जर सड़क: रांची की तरफ से फोरलेन सड़क का निर्माण ‘देहाती ढाबा’ तक हो चुका है, जहाँ वाहनों की रफ्तार काफी तेज होती है। लेकिन उसके आगे कुड़ू शहरी क्षेत्र तक सड़क दो लेन की है और बेहद जर्जर है। अचानक सड़क संकरी होने से तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर टकरा रहे हैं।

  2. उड़ती धूल और ‘अंधेरा’: सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रहे डस्ट (धूलकण) के कारण दिनभर धूल उड़ती रहती है। कई बार धूल इतनी ज्यादा होती है कि वाहन चालकों को सामने की सड़क दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवार सबसे अधिक हादसे का शिकार हो रहे हैं।

  3. लापरवाही: निर्माण कंपनी द्वारा सड़क पर पानी का छिड़काव नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है, जिससे विजिबिलिटी की समस्या बनी हुई है।

शुक्रवार की घटना ने झकझोरा: ताजा मामला शुक्रवार का है, जहाँ शराब लदे एक मालवाहक वाहन और स्कूटी के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक ही परिवार के मां, पुत्र और भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और बेसहारा हुए बच्चों के परवरिश व मुआवजे की मांग करने लगे।

प्रशासनिक हस्तक्षेप और आश्वासन: मामले की गंभीरता को देखते हुए कुड़ू सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार ने मोर्चा संभाला। आदिवासी समाज के नेताओं और आजसू नेता लाल गुड्डू नाथ शाहदेव के साथ हुई वार्ता में प्रशासन ने आश्वासन दिया कि:

  • NHAI को निर्देश: फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी के अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी गई है कि वे धूल कम करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव करें।

  • मुआवजा: मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एक सप्ताह का ‘ब्लैक रिकॉर्ड’:

  • शुक्रवार: मां, बेटे और भतीजे की मौत (स्कूटी-मालवाहक भिड़ंत)।

  • तीन दिन पहले: बाइक सवार की मौत (अज्ञात वाहन की टक्कर)।

  • एक सप्ताह पहले: कार और बाइक की टक्कर में एक की मौत।

  • अन्य: टेम्पो और बाइक भिड़ंत में 5 लोग घायल।

परिवहन विभाग की हेलमेट चेकिंग और सड़क सुरक्षा अभियान इस मार्ग पर पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैं। जब तक NHAI और निर्माण कंपनी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती, तब तक इस मार्ग पर असमय मौतों का सिलसिला थमना मुश्किल लग रहा है।

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