कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले कोलकाता के वीआईपी इलाके सॉल्टलेक में पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विधाननगर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी सुजीत बोस की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार को एक स्थानीय गेस्ट हाउस में छापेमारी की। आरोप है कि यहाँ चुनाव में गड़बड़ी फैलाने के मकसद से भाजपा शासित राज्यों से बाहरी लोगों को लाकर ठहराया गया था।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लोग मिले: पुलिस की जांच में पता चला कि सॉल्टलेक स्थित इस गेस्ट हाउस में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुल आठ लोग 17 अप्रैल से ही ठहरे हुए थे।
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हिरासत में तीन लोग: पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
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भाजपा पर आरोप: गेस्ट हाउस प्रबंधन के अनुसार, इन कमरों की बुकिंग भाजपा की ओर से कराई गई थी। हालांकि, पुलिस अब इस दावे की सत्यता और उन लोगों के वहां रुकने के वास्तविक उद्देश्य की जांच कर रही है।
“शांतिपूर्ण चुनाव के लिए बाहरी लोगों पर नजर जरूरी” – सुजीत बोस तृणमूल प्रत्याशी सुजीत बोस ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक बाहरी लोगों का इस तरह ठहरना संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल बाहरी तत्वों के जरिए मतदान के दिन अशांति पैदा करने की योजना बना रहा है।
29 अप्रैल को होना है मतदान: बता दें कि कोलकाता और आसपास के जिलों (उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हावड़ा आदि) की 142 सीटों पर 29 अप्रैल (बुधवार) को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होना है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, मतदान से 48 घंटे पहले बाहरी लोगों को क्षेत्र छोड़ना अनिवार्य होता है। ऐसे में मतदान से ठीक पहले हुई इस छापेमारी ने सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी तैयारियों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, भाजपा की ओर से इस छापेमारी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पुलिस और चुनाव आयोग की टीमें गेस्ट हाउस के सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों को खंगाल रही हैं।
