गिरिडीह: बाल विवाह और डायन प्रथा के खिलाफ न्याय तंत्र का महाअभियान, कोर्ट परिसर से प्रभात फेरी निकाल कर दिया जागरूकता का संदेश

गिरिडीह झारखंड

गिरिडीह: राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गिरिडीह ने बुधवार को 90 दिवसीय विशेष जागरूकता एवं आउटरीच अभियान की शुरुआत की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मार्तण्ड प्रताप मिश्रा के नेतृत्व में कोर्ट परिसर से एक भव्य प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और पारा लीगल वॉलंटियर शामिल हुए। यह अभियान 28 अप्रैल 2026 से 27 जुलाई 2026 तक लगातार तीन महीनों तक चलेगा।

प्रभात फेरी के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘बाल विवाह’, ‘दहेज प्रथा’, ‘डायन कुप्रथा’ और ‘बाल श्रम’ जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ नारेबाजी की और शहरवासियों को जागरूक किया। प्राधिकार के सचिव सफदर अली नैयर ने बताया कि इस 90 दिवसीय अभियान के तहत जिले के सुदूर गांवों, स्कूलों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटक और विधिक शिविर आयोजित किए जाएंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी मुआवजा योजनाओं की जानकारी देकर सशक्त बनाना है।

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