पटना: बिहार की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार 7 मई 2026 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (नव-नियुक्त) शिरकत करेंगे।
बता दें कि 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जिसके बाद वे राज्य में इस पद पर आसीन होने वाले भाजपा के पहले नेता बने। यह बदलाव नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनके राज्यसभा जाने के बाद हुआ था।
तैयारियों और सुरक्षा का ब्लूप्रिंट:
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हाई-सिक्योरिटी जोन: गांधी मैदान और एयरपोर्ट से लेकर समारोह स्थल तक के इलाके को हाई-सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है। करीब 3000 जवानों की तैनाती की गई है और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है।
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भव्य आयोजन: गांधी मैदान को चार प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है, जहां लगभग डेढ़ लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री के आगमन के लिए मैदान के भीतर ही विशेष हेलीपैड तैयार किए गए हैं।
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दिग्गजों का जमावड़ा: समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जेपी नड्डा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी समेत एनडीए (NDA) के तमाम बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
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बीजेपी की रणनीति: आज पटना स्थित भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई, जिसमें शपथ लेने वाले संभावित मंत्रियों के नामों और कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
पश्चिम बंगाल और असम चुनाव में भाजपा की हालिया बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला बिहार दौरा है, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। इस कैबिनेट विस्तार के जरिए भाजपा बिहार में अपने सामाजिक समीकरणों को और मजबूत करने की कोशिश करेगी।
