गुमला. झारखंड के गुमला जिले के बिशुनपुर थाना अंतर्गत सेरका गांव में तीन साल पहले हुई सनसनीखेज रंथी देवी हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रेम शंकर की अदालत ने आरोपी पति दिलेश्वर खेरवार को अपनी पत्नी की नृशंस हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है.
जुर्माना और कानूनी धाराएं
अदालत ने आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी. इस मामले में सरकार की ओर से लोक अभियोजक अजय रजक ने मजबूती से पैरवी की.
क्या थी घटना?
यह मामला 8 मई 2021 (घटनाक्रम के अनुसार 3 साल पहले) का है. रंथी देवी ने गांव के ही दिलेश्वर खेरवार से प्रेम विवाह किया था. हालांकि, शादी के कुछ समय बाद ही दिलेश्वर दूसरी शादी करने की जिद पर अड़ गया और अक्सर पत्नी को धमकी देने लगा.
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मां के सामने वारदात: घटना के दिन जब पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ा, तो रंथी की मां बीच-बचाव करने पहुंचीं. उसी दौरान दिलेश्वर ने आव देखा न ताव और अपनी पत्नी की गर्दन पर टांगी (कुल्हाड़ी) से वार कर दिया.
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मौके पर मौत: मां के सामने ही रंथी लहूलुहान होकर गिर पड़ी. जब तक जंगल से लकड़ी काटकर पिता फूलचंद नायक घर पहुंचे, रंथी की मौत हो चुकी थी. वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया था.
न्याय की जीत
मृतका के पिता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर बिशुनपुर पुलिस ने जांच की. चश्मदीद गवाहों (मां और पिता) के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दिलेश्वर को दोषी पाया. तीन साल के लंबे इंतजार के बाद अब मृतका के परिवार को न्याय मिला है.
