जमशेदपुर. लौहनगरी जमशेदपुर में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) का संकट अब बेकाबू होता नजर आ रहा है. शहर के लगभग हर पेट्रोल पंप पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं, जिससे न केवल यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, बल्कि आम जनता के बीच भारी आक्रोश और अफरा-तफरी का माहौल है.
इलाकों की स्थिति: सुबह से ही कतारें
शहर के लगभग सभी कोनों में स्थिति गंभीर बनी हुई है:
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कदमा और मानगो: इन क्षेत्रों में सुबह 5 बजे से ही लोग अपनी गाड़ियों के साथ कतारों में खड़े नजर आए. कदमा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी.
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बिष्टुपुर और साकची: शहर के इन मुख्य व्यावसायिक केंद्रों पर ट्रैफिक का भारी दबाव देखा जा रहा है. पंपों के बाहर लगी भीड़ सड़क तक फैलने से मुख्य मार्गों पर आवाजाही बाधित हो रही है.
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गोलमुरी और बारीडीह: गोलमुरी, सिदगोड़ा और बारीडीह के कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए हैं, जिससे निराश होकर लोगों को दूसरे इलाकों की ओर भागना पड़ रहा है.
अफवाहों और ‘पैनिक बाइंग’ ने बढ़ाई मुसीबत
सप्लाई ठप होने और अनिश्चितकालीन किल्लत की उड़ती अफवाहों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है.
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टंकी फुल कराने की होड़: लोग न केवल गाड़ियों की टंकियां फुल करवा रहे हैं, बल्कि बोतलों और डब्बों में भी तेल भरने की जिद कर रहे हैं.
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प्रशासन की अपील बेअसर: जिला प्रशासन की बार-बार की गई अपील के बावजूद लोग पैनिक बाइंग (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) कर रहे हैं, जिससे एक कृत्रिम किल्लत पैदा हो गई है.
पंप संचालकों और ग्राहकों के बीच विवाद
पंप संचालकों का कहना है कि स्टॉक सीमित है और पैनिक खरीदारी के कारण आपूर्ति चक्र प्रभावित हुआ है. बोतलों में तेल देने से इनकार करने पर कई केंद्रों से ग्राहकों और कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद की खबरें भी सामने आ रही हैं.
फिलहाल, जमशेदपुर की सड़कों पर स्थिति तनावपूर्ण है और प्रशासन इस आपूर्ति बाधा को जल्द से जल्द दूर करने के प्रयास में जुटा है ताकि शहर की रफ्तार दोबारा सामान्य हो सके.
