रामगढ़. बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बिशनपुरा-क्षत्रपुरा कर्मनाशा मुख्य नहर किनारे शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब राहगीरों ने एक मानव सिर का कंकाल (Human Skull) पड़ा देखा. नहर किनारे कंकाल मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है.
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ थाना अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा पुलिस बल के जवानों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिस ने बिना वक्त गंवाए बरामद मानव सिर के कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है.
चर्चित कृष्ण मुरारी हत्याकांड से जुड़ रहे तार
शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस इस बरामद कंकाल को इलाके के बहुचर्चित कृष्ण मुरारी परिवार हत्याकांड से जोड़कर देख रही है:
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लापता बच्चों की आशंका: अंदेशा जताया जा रहा है कि यह कंकाल उक्त हत्याकांड के शिकार हुए उन दो मासूम बच्चों में से किसी एक का हो सकता है, जिनकी हत्या कर दी गई थी.
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आरोपी की निशानदेही: गौरतलब है कि इस मामले के मुख्य आरोपी विकास गुप्ता को जब पुलिस ने रिमांड पर लिया था, तो उसकी निशानदेही पर अकोढ़ी नदी पुल के नीचे बच्चों के कटे हुए सिर की तलाश में कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन तब सफलता नहीं मिली थी.
डीएनए (DNA) टेस्ट से साफ होगी तस्वीर
रामगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बरामद कंकाल की वास्तविक और वैज्ञानिक पहचान केवल मेडिकल जांच और डीएनए (DNA) टेस्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस के अनुसार, अभी यह आधिकारिक रूप से कहना जल्दबाजी होगी कि यह कंकाल कृष्ण मुरारी मर्डर केस से ही जुड़ा है या फिर किसी अन्य वारदात से. फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा. फिलहाल पुलिस मामले की हर छोटी-बड़ी कड़ी को जोड़ने और सच्चाई का पता लगाने में जुटी हुई है.
