धनबाद. बीसीसीएल (BCCL) के कतरास क्षेत्र अंतर्गत अंगारपथरा कोलियरी के डेंजर जोन में चिन्हित ‘कांटा पहाड़ी’ इलाके में गुरुवार की रात से शुरू हुई भू-धंसान की समस्या शुक्रवार को और गंभीर हो गई है. बस्ती जाने वाली मुख्य सड़क और कई घरों में पहले से बनी दरारें शुक्रवार को अचानक और चौड़ी हो गईं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह भयावह स्थिति क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कोयला खनन (Illegal Coal Mining) के कारण पैदा हुई है, जिसे बीसीसीएल प्रबंधन और पुलिस का कथित संरक्षण प्राप्त है.
जोरदार आवाज के साथ फटी जमीन, रातभर जागे लोग
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अचानक आई आवाज: गुरुवार की रात अचानक कांटा पहाड़ी क्षेत्र में जमीन फटने की जोरदार आवाज आई और देखते ही देखते मुख्य रास्ते पर चार अलग-अलग जगहों पर लंबी और गहरी दरारें दिखाई देने लगीं.
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घरों में दरारें: बस्ती के कई घरों की दीवारों और फर्श में भी दरारें पड़ गईं. राजेश पंडित, राजकुमार पासवान, गायत्री देवी, संगीता देवी, रंजीत सिंह, लखन सिंह और कुंती देवी के घर इस भू-धंसान की सीधे चपेट में आ गए हैं.
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सामान समेट भागे लोग: अनहोनी के डर से कई परिवारों ने रोते-बिलखते हुए पूरी रात जागकर बिताई और अपने जरूरी सामानों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने में जुटे रहे.
अधिकारियों का घेराव और चक्का जाम की चेतावनी
शुक्रवार सुबह जब बीसीसीएल के अधिकारी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों का कहना है कि कोयला माफिया रात-दिन गाड़ियां भर-भरकर अवैध कोयला निकाल रहे हैं, जिससे पूरी बस्ती खोखली हो चुकी है.
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि या तो अवैध माइनिंग को तुरंत मुकम्मल तौर पर बंद किया जाए या फिर सभी प्रभावितों को किसी सुरक्षित जगह पर पुनर्वास (Rehabilitation) कराया जाए. मांग पूरी न होने पर कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का ऐलान किया गया है.
18 घंटे बाद पहुंची जेसीबी, भराई का काम शुरू
घटना के करीब 18 घंटे बीत जाने के बाद बीसीसीएल प्रबंधन हरकत में आया. सीआईएसएफ (CISF) और अंगारपथरा थाना पुलिस की मौजूदगी में बीसीसीएल की जेसीबी और हाईवा गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंचीं. इसके बाद मिट्टी और ओबी (ओवरबर्डन) डालकर अवैध उत्खनन स्थल के मुहाने और सड़क की चौड़ी दरारों को भरने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया.
प्रशासनिक पक्ष: पहले से डेंजर जोन है इलाका
मौके पर पहुंचे बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के एरिया सुरक्षा अधिकारी संजय चौधरी ने बताया कि:
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पुनर्वास के निर्देश: सर्वे विभाग को तत्काल प्रभावित परिवारों की सूची बनाने का निर्देश दिया गया है ताकि सूची तैयार होते ही इन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा सके.
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पहले ही जारी हुआ था नोटिस: यह इलाका डीजीएमएस (DGMS) और बीसीसीएल के सर्वे में पहले से ही ‘डेंजर जोन’ घोषित है. कंपनी और निजी आवास मिलाकर यहाँ लगभग 100 घर हैं, जिनमें 500 की आबादी रहती है. इन लोगों को पहले भी कई बार इलाका खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन ग्रामीणों ने जगह खाली नहीं की थी.
फिलहाल बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक लिखित बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन इलाके में तनाव और ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
