नोवामुंडी में सांप का आतंक: गुंडी जोड़ा गांव में घर के पास काम कर रही महिला को सांप ने डंसा

झारखंड

हालत बिगड़ने पर रात में ही पहुंचाया गया अस्पताल

पश्चिमी सिंहभूम. पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में सांपों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. यहाँ नोवामुंडी बस्ती पंचायत के गुंडी जोड़ा गांव (टोला जोटो साई) में देर रात एक महिला को जहरीले सांप ने काट लिया. सांप के डंसने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिससे परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई. पीड़ित महिला की पहचान गांव के रोशन हेम्बरम की 27 वर्षीय पत्नी बेलमती हेम्बरम के रूप में हुई है.

घर के पास काम करने के दौरान पैर में काटा

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार:

  • अचानक हुआ हमला: यह घटना रात करीब 9 बजे की है. बेलमती अपने घर के आसपास ही किसी घरेलू कार्य में व्यस्त थीं, तभी अंधेरे का फायदा उठाकर एक जहरीले सांप ने उनके बाएं पैर में जोर से काट लिया.

  • बढ़ने लगा दर्द: शुरुआत में परिजनों को लगा कि कोई आम कीड़ा है, लेकिन कुछ ही मिनटों के भीतर महिला को पूरे शरीर में तेज दर्द, घबराहट और भयंकर बेचैनी महसूस होने लगी. इसके बाद सांप काटने की बात स्पष्ट हुई.

समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान

महिला की बिगड़ती हालत को देख परिजनों ने बिना वक्त गंवाए और झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े बिना, ग्रामीणों के सहयोग से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया.

  1. इलाज शुरू: अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने तत्परता दिखाते हुए महिला का प्राथमिक उपचार किया और उसे एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) दिया.

  2. निगरानी में मरीज: डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर अस्पताल आ जाने के कारण महिला की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन जहर के असर को देखते हुए उसे अभी मेडिकल ऑब्जर्वेशन (निगरानी) में रखा गया है.

बरसात की दस्तक के साथ गांवों में बढ़ा सांपों का खौफ

इस घटना के बाद से गुंडी जोड़ा गांव के लोगों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि मानसून की आहट और मौसम में आए बदलाव के कारण सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और ग्रामीणों ने अपील की है कि रात के समय घरों के आसपास अंधेरे में जाने से बचें, टॉर्च का इस्तेमाल करें और किसी भी अनहोनी की स्थिति में ओझा-गुणी के पास जाने के बजाय सीधे सरकारी अस्पताल का रुख करें.

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