गिरिडीह. राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा का दावा करने वाली 108 एंबुलेंस सेवा खुद वेंटिलेटर पर है. हालत यह है कि एंबुलेंस के शीशे टूटे पड़े हैं और उन्हें परदे लगाकर चलाया जा रहा है. मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली गाड़ियां कब खुद रास्ते में दम तोड़ दें, कोई भरोसा नहीं. वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मंचों से सेवा के ‘बेहतर’ होने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं. गिरिडीह में कई 108 एंबुलेंस की हालत देखकर कोई भी आप चौंक जाइयेगा. एंबुलेंस के साइड का शीशा पूरी तरह टूटा हुआ है, जिस पर कपड़े का परदा बांधकर काम चलाया जा रहा है. एंबुलेंस स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “कई बार लिखित शिकायत दी, पर सुनवाई नहीं हुई. बारिश में मरीज भीगते हैं और धूल-धूप में तड़पते हैं. सबसे बड़ी लापरवाही तो यह है कि कई 108 एंबुलेंस पर अभी भी पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की ही तस्वीर चस्पा है, जबकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी हैं, पर विभाग एंबुलेंस पर स्टीकर तक बदलवाना भूल गया. इससे साफ है कि मेंटेनेंस तो दूर, कागजी खानापूर्ति तक नहीं हो रही. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हर जनसभा में कहते हैं, “108 सेवा को अत्याधुनिक बनाया गया है. एक कॉल पर 15 मिनट में एंबुलेंस पहुंचेगी. लेकिन हकीकत में यह एंबुलेंस खटारा हालत में सड़क पर रेंग रही हैं.
