नई दिल्ली. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा शनिवार यानी 30 मई को आयोजित की जाने वाली सीयूईटी यूजी (CUET UG 2026) परीक्षा में देशव्यापी तकनीकी गड़बड़ी (Technical Glitch) के कारण भारी अव्यवस्था देखने को मिली. सुबह 9:00 बजे शुरू होने वाली पहली पाली (First Shift) की परीक्षा ऑनलाइन पेपर अपलोड न हो पाने के कारण सवा दो घंटे से भी अधिक की देरी से शुरू हुई. सुबह 11:23 बजे तक भी कई केंद्रों पर परीक्षा शुरू नहीं हो सकी थी.
इस अव्यवस्था और एनटीए के मिसमैनेजमेंट को लेकर देश भर के परीक्षा केंद्रों पर छात्रों और उनके अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा. हालांकि, एनटीए ने असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है.
समय पर बंद हुए गेट, अंदर भूखे-प्यासे तड़पते रहे छात्र
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और नियमों के मुताबिक अभ्यर्थियों की एंट्री सुबह 8:00 बजे ही पूरी तरह बंद कर दी गई थी. हजारों छात्र-छात्राएं समय पर अपने-अपने आवंटित सेंटर्स के अंदर प्रवेश कर चुके थे:
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नहीं दी गई जानकारी: परीक्षा शुरू होने में लगातार हो रही देरी के बीच केंद्र समन्वयकों द्वारा छात्रों को कोई सही और सटीक जानकारी नहीं दी गई, जिससे परीक्षार्थी गहरे भ्रम और मानसिक तनाव की स्थिति में आ गए.
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वॉशरूम जाने पर भी रोक: नाराज छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा हॉल में बैठे अभ्यर्थियों को लंबे समय तक वॉशरूम (प्रसाधन) जाने की भी अनुमति नहीं दी गई. भीषण गर्मी के इस मौसम में छात्र बिना खाए-पिए अपनी सीटों पर परेशान बैठे रहे.
पहली पाली के कारण दूसरी शिफ्ट की टाइमिंग में बड़ा बदलाव
सुबह की पाली पूरी तरह डिस्टर्ब होने का सीधा असर दोपहर के सत्र की परीक्षा पर भी पड़ा. एनटीए को आनन-फानन में दूसरी शिफ्ट के शेड्यूल में संशोधन करना पड़ा:
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प्रवेश और परीक्षा का समय: दूसरी शिफ्ट की परीक्षा जो निर्धारित समय के अनुसार दोपहर 3:00 बजे शुरू होनी थी, वह देरी के कारण शाम 4:00 बजे शुरू हो सकी.
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देरी से एंट्री: इस शिफ्ट के अभ्यर्थियों को दोपहर 2:30 बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश देना शुरू किया गया.
एनटीए की सफाई: देश भर में आई थी समस्या, छात्रों को मिला पूरा समय
इस बड़े विवाद और हंगामे के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी आधिकारिक सफाई जारी की है. एनटीए के मुताबिक, सर्वर और पोर्टल में आई अचानक तकनीकी खराबी के कारण केवल एक शहर नहीं, बल्कि देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र के संचालन में देरी हुई थी.
एजेंसी ने दावा किया है कि दोपहर तक तकनीकी खराबी को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया गया था. इसके साथ ही एनटीए ने स्पष्ट किया कि जिन भी केंद्रों पर परीक्षा देरी से शुरू हुई, वहां के प्रभावित छात्रों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें प्रश्नपत्र हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय (Extra Time) दिया गया ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक नुकसान न हो.
