कोडरमा. कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधी स्कूल रोड (वार्ड संख्या-24) में शनिवार रात करीब 8:00 बजे एक किचन सेंटर में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग के दौरान जोरदार ब्लास्ट (Cylinder Blast) हो गया. इस भयावह हादसे में दुकान संचालक समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. धमाका इतना तेज था कि घनी आबादी वाले इस रिहाइशी इलाके में अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. सभी घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.
गैस रिसाव के बाद जोरदार धमाका, टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, गांधी स्कूल रोड स्थित उक्त किचन सेंटर में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बड़े व्यावसायिक सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस पलटने (अवैध रिफिलिंग) का खेल चल रहा था:
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अचानक हुआ रिसाव: रिफिलिंग के दौरान अचानक एक बड़े सिलेंडर का वाल्व लीक हो गया और तेजी से गैस का रिसाव (Leakage) होने लगा.
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आग का गोला बनी दुकान: इससे पहले कि वहां मौजूद कर्मी कुछ समझ पाते या बाहर भागते, गैस ने पास के किसी स्रोत से आग पकड़ ली और जोरदार धमाके के साथ पूरी दुकान आग की लपटों में घिर गई.
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डंप थे दर्जनों सिलेंडर: स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सेंटर में भारी मात्रा में छोटे-बड़े अवैध घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर डंप करके रखे गए थे. गनीमत यह रही कि आग समय रहते काबू में आ गई और उसने अन्य सिलेंडरों को अपनी चपेट में नहीं लिया, अन्यथा पूरी बस्ती मलबे के ढेर में तब्दील हो जाती.
घायलों में यूपी और बिहार के मजदूर शामिल
इस ब्लास्ट और अगलगी की चपेट में आकर झुलसे चारों व्यक्तियों में से तीन बाहरी राज्यों के रहने वाले मजदूर हैं, जो यहाँ काम करते थे.
घायलों की सूची:
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राहुल कुमार (25 वर्ष): दुकान संचालक (पिता- रामदीन सिंह, निवासी- तिलैया, कोडरमा)
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अजय राय: श्रमिक (निवासी- छपरा, बिहार)
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विनोद कुमार: श्रमिक (निवासी- गाजीपुर, उत्तर प्रदेश)
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श्याम शरण प्रजापति: श्रमिक (निवासी- गोरखपुर, उत्तर प्रदेश)
संचालक और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों में भारी अंतर्विरोध
घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिशें भी सामने आई हैं. अस्पताल में भर्ती दुकान संचालक राहुल कुमार ने अवैध रिफिलिंग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि दुकान में कोई अवैध काम नहीं हो रहा था, बल्कि महज खाना बनाने के दौरान अचानक गैस रिसाव से यह हादसा हुआ और इसमें सिर्फ एक ही व्यक्ति झुलसा है.
इसके विपरीत, मोहल्ले के निवासियों और चश्मदीदों का साफ कहना है कि यहाँ लंबे समय से धड़ल्ले से अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा संचालित हो रहा था और संचालक का बयान पुलिसिया कार्रवाई से बचने का एक बहाना है.
प्रशासन के खिलाफ फूटा मोहल्ले वालों का गुस्सा, जांच में जुटी पुलिस
इस रिहाइशी और घनी आबादी वाले इलाके में मौत का सामान (गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण) रखे जाने को लेकर वार्ड संख्या-24 के निवासियों में स्थानीय पुलिस और नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है. स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और शहर के रिहाइशी इलाकों में चल रहे ऐसे तमाम अवैध गैस रिफिलिंग सेंटरों को चिन्हित कर तुरंत सील किया जाए.
इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद तिलैया थाना पुलिस की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है. पुलिस झुलसे हुए कर्मियों के बयान दर्ज कर और दुकान के स्टॉक की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.
