जामतड़ा में आंगनबाड़ी सेविका चयन में धांधली का आरोप: चैनपुर में आमसभा के फैसले पर भड़के ग्रामीण; बीडीओ से की प्रक्रिया रद्द करने की मांग

झारखंड

जामतड़ा. झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र के चैनपुर गांव में आंगनबाड़ी सेविका की चयन प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय ग्रामीणों ने चयन में भारी अनियमितता, पक्षपात और नियमों की अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया है. इस मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) से मुलाकात की और उन्हें एक संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त लिखित शिकायत पत्र सौंपा. ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की जोरदार मांग की है.

24 जून की आमसभा में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा का आरोप

प्रखंड मुख्यालय में सौंपे गए शिकायती आवेदन में ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया के दौरान अपनाए गए तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:

  • नियमों को ताक पर रखा: ग्रामीणों का आरोप है कि बीते 24 जून (2026) को चैनपुर गांव में आंगनबाड़ी सेविका के चयन को लेकर एक आमसभा (ग्राम सभा) आयोजित की गई थी. इस सभा के दौरान विभाग द्वारा तय किए गए गाइडलाइंस और अनिवार्य नियमों की सरेआम अनदेखी की गई.

  • पक्षपात का दावा: आवेदन में कहा गया है कि चयन समिति ने मेधावी और पूरी तरह पात्र (योग्य) अभ्यर्थियों को दरकिनार कर दिया. इसके बजाय अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अत्यंत पक्षपातपूर्ण तरीके से अंतिम निर्णय लिया गया. इस एकतरफा फैसले के कारण वर्तमान में चयनित अभ्यर्थी को लेकर पूरे गांव में गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त है.

सामाजिक प्रतिनिधित्व के मानकों की अवहेलना, गांव में बढ़े विवाद के आसार

ग्रामीणों ने बीडीओ को बताया कि आंगनबाड़ी सेविका की बहाली के लिए सरकार द्वारा निर्धारित शैक्षणिक मानकों, अनिवार्य अंकों और सामाजिक प्रतिनिधित्व (आरक्षण व स्थानीयता से जुड़े प्रावधानों) का समुचित पालन बिल्कुल नहीं किया गया है. नियमों को ताक पर रखकर की गई इस विवादास्पद बहाली के कारण गांव में गुटबाजी और आपसी विवाद की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है.

ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से मांग की है कि इस दूषित चयन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त (रद्द) किया जाए और एक निश्चित समय सीमा के भीतर दोबारा से पारदर्शी तरीके से आमसभा बुलाकर नई चयन प्रक्रिया पूरी की जाए. सौंपे गए इस सामूहिक शिकायती पत्र में गांव के दर्जनों पुरुषों और महिलाओं के आधिकारिक हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान दर्ज हैं.

शिकायत की जांच कर की जाएगी नियमानुसार कार्रवाई: प्रखंड प्रशासन

इस चयन विवाद को लेकर नारायणपुर प्रखंड प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जाएगी.

प्रखंड प्रशासन (नारायणपुर): “चैनपुर गांव में आंगनबाड़ी सेविका के चयन को लेकर ग्रामीणों की ओर से एक लिखित शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है. इसमें आमसभा की प्रक्रिया और मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं. इस मामले की जांच के लिए संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) या एक जांच दल को निर्देशित किया जाएगा. जांच रिपोर्ट में यदि नियमों का उल्लंघन या किसी भी प्रकार की वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.”

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