गढ़वा. झारखंड के गढ़वा जिले के महुआटीकर गांव में 75 वर्षीय वृद्ध पेंशनधारी रतन लकड़ा की वृद्धावस्था पेंशन रुकने और समय पर इलाज न मिलने से हुई मौत का मामला अब बेहद तूल पकड़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े निर्देश पर शुरू हुई प्रशासनिक जांच के बीच, इस संवेदनशील मामले को दबाने और रफा-दफा करने का एक गंभीर मामला सामने आया है. मंगलवार की रात झारखंड ग्रामीण बैंक की बड़गड़ शाखा के प्रबंधक कृष्ण कुमार अपने एक निजी मैसेंजर (दूत) के साथ चुपके से मृतक की पुत्रवधू (पीड़ित परिवार) के घर पहुंच गए. हालांकि, बैंक प्रबंधन का यह ‘सीक्रेट मिशन’ पूरी तरह फेल हो गया और मौके पर जुटे ग्रामीणों ने उन्हें रंगेहाथ पकड़कर खदेड़ दिया.
रात के अंधेरे में पहुंचे मैनेजर, ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर घेरा
बैंक मैनेजर के रात में पीड़ित परिवार के घर पहुंचने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद का घटनाक्रम इस प्रकार रहा:
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ग्रामीणों का भारी विरोध: भनक लगते ही भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मृतक रतन लकड़ा के घर के बाहर जमा हो गए और बैंक प्रबंधक को चारों तरफ से घेरकर तीखे सवाल दागने शुरू कर दिए. अचानक ग्रामीणों के इस तेवर को देखकर मैनेजर और उनका मैसेंजर पूरी तरह सकपका गए.
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वीडियो हुआ वायरल: वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने इस पूरे घटनाक्रम का अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में ग्रामीणों के विरोध और आक्रोश के बाद बैंक मैनेजर अपने सहयोगी के साथ दबे पांव और नजरें चुराकर गांव से बाहर भागते हुए साफ नजर आ रहे हैं.
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गर्दन बचाने की कवायद: ग्रामीणों ने सीधा आरोप लगाया है कि जब वृद्ध रतन लकड़ा महीनों से अपनी रुकी हुई पेंशन चालू कराने के लिए बैंक के चक्कर काट रहे थे, तब मैनेजर ने कोई मानवीय संवेदना नहीं दिखाई और न ही उनका केवाईसी (KYC) अपडेट किया. अब जब सीएम के आदेश के बाद नौकरी पर गाज गिरनी तय है, तो अधिकारी रात के अंधेरे में गवाहों को डराने और पीड़ित परिवार को पैसों के दम पर ‘मैनेज’ करने पहुंच रहे हैं.
[सीएम का कड़ा निर्देश] ───> [प्रशासनिक जांच शुरू] ───> [नौकरी पर खतरा]
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[ग्रामीणों द्वारा खदेड़े गए] <─── [रात में पीड़ित के घर पहुंचे बैंक मैनेजर]
क्या है पूरा मामला? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर रंका एसडीओ कर रहे हैं जांच
यह पूरा विवाद एक गरीब वृद्ध की प्रशासनिक और बैंकिंग संवेदनहीनता के कारण हुई मौत से जुड़ा हुआ है:
घटनाक्रम की मुख्य कड़ियां:
पेंशन की कमी से मौत व शव रखकर प्रदर्शन: बीमारी के दौरान बैंक द्वारा वृद्धावस्था पेंशन की राशि रोके जाने के कारण रतन लकड़ा (75 वर्ष) का सही समय पर इलाज नहीं हो सका, जिससे उनकी मौत हो गई. इसके बाद सोमवार को उग्र ग्रामीणों ने शव को सीधे झारखंड ग्रामीण बैंक की बड़गड़ शाखा के मुख्य गेट के सामने रखकर घंटों जोरदार प्रदर्शन किया था.
मुख्यमंत्री का ‘एक्स’ (Twitter) पर आदेश: इस अमानवीय घटनाक्रम को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए गढ़वा उपायुक्त (DC) पशुपतिनाथ मिश्रा को तत्काल मामले की जांच करने और दोषी बैंक अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया.
जांच टीम के सामने लगे रिश्वत के आरोप: मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद मंगलवार को ही रंका के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मोहम्मद परवेज और लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) सत्यदेव कुमार जांच के लिए बड़गड़ शाखा पहुंचे. जांच टीम के समक्ष मृतक के परिजनों ने बैंक कर्मियों पर आए दिन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया. वहीं, गांव की ही एक अन्य महिला ने जांच अधिकारियों के सामने बयान दिया कि बैंक के मैसेंजर द्वारा पेंशन की राशि रिलीज करने के एवज में बकायदा रिश्वत (घूस) की मांग की जाती थी. इस आधिकारिक जांच के तुरंत बाद रात में हुए इस नए वीडियो खुलासे ने आरोपी बैंक मैनेजर कृष्ण कुमार और पूरी बड़गड़ शाखा को बेहद मुश्किल में डाल दिया है. प्रशासन अब इस वीडियो को भी जांच का हिस्सा मानकर अगली कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.
