मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत मुशहरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को एक बड़ा और भयावह हादसा घटित हुआ. बुडको (BUDCO) द्वारा नाला निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से गुजर रही पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की मुख्य पाइपलाइन अचानक क्षतिग्रस्त हो गई. पाइपलाइन फटते ही हवा में तेजी से गैस का रिसाव शुरू हो गया. इसी दौरान वहां से गुजर रही पांच स्कूली छात्राएं जहरीली गैस की चपेट में आ गईं और दम घुटने के कारण दम तोड़ती स्थिति में सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं. इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया.
स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी छात्राओं को तुरंत मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया. डॉक्टरों की विशेष निगरानी में सभी का इलाज शुरू किया गया. चिकित्सा केंद्र से राहत की बात यह सामने आई है कि समय पर इलाज मिलने के कारण सभी छात्राओं की स्थिति फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है.
दम घुटने से ये छात्राएं हुईं बेहोश; अस्पताल पहुंचे परिजन
अस्पताल प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गैस रिसाव के कारण सांस लेने में गंभीर तकलीफ के बाद बेहोश होने वाली छात्राओं में शामिल हैं:
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कक्षा 10वीं की छात्राएं: दिव्या, नाहिद, अमृता और राखी.
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कक्षा 11वीं की छात्रा: विशाखा.
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित छात्राओं के परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे. रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाते हुए डॉक्टरों ने बच्चियों के स्वास्थ्य में सुधार की पुष्टि की है.
गैस सप्लाई बंद कर तकनीकी टीम ने शुरू की मरम्मत, जांच के आदेश
गैस रिसाव और छात्राओं के बेहोश होने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, मुशहरी थाना की पुलिस और गैस पाइपलाइन ऑपरेटर की विशेष तकनीकी टीम फौरन मौके पर पहुंची. तकनीकी टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल प्रभाव से पीछे से मुख्य गैस आपूर्ति (सप्लाई) को बंद कर दिया और फटी हुई पाइपलाइन की युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया. सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आग न जलाने की हिदायत दी है.
इधर, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने लापरवाही को लेकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि नाला निर्माण कार्य के दौरान तय सुरक्षा मानकों (Safety Guidelines) का पालन किया गया था या नहीं, और गैस कंपनी से रूट मैप लिए बिना खुदाई कैसे की जा रही थी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में जो भी एजेंसी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
