कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बंगाल एसआईटी (SIT) और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है. रविवार शाम बिहार और उत्तर प्रदेश में की गई छापेमारी के दौरान तीन शार्प शूटरों को हिरासत में लिया गया है, जिन्हें पूछताछ के लिए कोलकाता लाया गया है.
बक्सर से कुख्यात अपराधी हिरासत में
बिहार के बक्सर जिले से मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपट्टी निवासी विशल श्रीवास्तव को उठाया है. विशाल श्रीवास्तव एक कुख्यात अपराधी है, जिस पर हत्या और आर्म्स एक्ट समेत करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं. बक्सर एसपी शुभम आर्य ने पुष्टि की है कि बंगाल पुलिस की टीम उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है.
डिजिटल लेनदेन (UPI) ने खोला राज
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में एक डिजिटल सुराग ने अहम भूमिका निभाई:
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बाली टोल प्लाजा: जांचकर्ताओं को पता चला कि हमलावरों ने बाली टोल प्लाजा पार करते समय UPI के जरिए भुगतान किया था.
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सुराग: इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन का पीछा करते हुए एसआईटी की टीम उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंची, जहां आरोपी छिपे हुए थे.
क्या था मामला?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद और शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण से पहले, 6 मई 2026 की रात मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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सुनियोजित साजिश: हमलावरों ने उन पर चार गोलियां चलाई थीं.
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फर्जी नंबर प्लेट: जांच में सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल कार की नंबर प्लेट फर्जी थी, जिसे सिलीगुड़ी के एक निवासी द्वारा OLX पर डाले गए विज्ञापन की तस्वीर देखकर बनाया गया था.
भवानी भवन में पूछताछ जारी
गिरफ्तार किए गए तीनों शूटरों को रात भर कोलकाता के भवानी भवन में रखकर पूछताछ की गई है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन शूटरों को सुपारी किसने दी थी और इस हत्याकांड के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन है. आज इन आरोपियों को बारासात अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी.
