गिरिडीह. सरिया वन क्षेत्र के नावाडीह निमाटांड में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक चरम पर है. 25 से 30 हाथियों के एक विशाल झुंड ने बीती रात गांव में जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने न केवल किसानों की मेहनत से तैयार फसलों को बर्बाद किया, बल्कि रिहायशी इलाकों में घुसकर घरों को भी निशाना बनाया.
खेती और बागवानी को भारी नुकसान
हाथियों के झुंड ने किसान रामा यादव, द्वारिका यादव और भुनेश्वर यादव की करीब 7 से 8 एकड़ में लगी मकई, गन्ना, भिंडी, लौकी और टमाटर की फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया. इसके अलावा, हाथियों ने आम के बगीचे और केले के पौधों को भी पैरों तले रौंद डाला, जिससे किसानों को इस सीजन में भारी आर्थिक चोट पहुंची है.
घर की खिड़की तोड़कर खा गए राशन
ग्रामीण अर्जुन यादव के घर को हाथियों ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. झुंड ने घर की खिड़की तोड़ दी और अंदर रखा करीब दो क्विंटल चावल, आटा और सरसों खा गए. इस दौरान घर में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी टूट गए. पीड़ित परिवार के अनुसार, इस एक रात के उत्पात में उन्हें लगभग 70 से 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है.
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
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मुआवजे की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों में हाथियों ने दर्जनों बार उनके खेतों में तबाही मचाई है, लेकिन कई बार आवेदन देने के बाद भी वन विभाग ने अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया है.
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दुर्व्यवहार की शिकायत: किसानों ने आरोप लगाया कि जब वन विभाग की टीम हाथियों को भगाने आती है, तो मदद के बजाय ग्रामीणों को ही डांट-फटकार लगाई जाती है.
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तत्काल सहायता: ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिहाज से वन विभाग से तत्काल 10 हैलोजन लाइट और 5 टॉर्च उपलब्ध कराने तथा नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है.
वर्तमान में हाथियों का झुंड गांव के पास ही डेरा डाले हुए है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रतजगा करने को मजबूर हैं.
