गोड्डा. झारखंड के गोड्डा जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी शारीरिक बाधा कामयाबी का रास्ता नहीं रोक सकती। जिला मुख्यालय के शिवाजी नगर निवासी मो. फैजानुल्लाह ने 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में 93.80 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
हाथ नहीं दे पाए साथ, तो मुंह से लिखी कामयाबी की इबारत: मो. फैजानुल्लाह जन्म से ही शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और हाथों से लिखने में पूरी तरह असमर्थ हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मुंह से पेन पकड़कर लिखने का अभ्यास किया। इसी कठिन अभ्यास और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने 500 में से 469 अंक प्राप्त किए।
शानदार स्कोरकार्ड (A Grade in All Subjects): फैजानुल्लाह ने न केवल दिव्यांग वर्ग में जिला टॉप किया, बल्कि वे अपने स्कूल (UPG गवर्नमेंट हाई स्कूल, शिवाजी नगर) के भी टॉपर बने हैं। उनके विषयवार अंक कुछ इस प्रकार हैं:
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गणित: 98
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उर्दू: 96
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विज्ञान: 93
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सामाजिक विज्ञान: 92
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हिंदी: 90
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अंग्रेजी: 84
होम-बेस्ड एजुकेशन का मिला सहारा: चूंकि फैजानुल्लाह स्कूल जाने में असमर्थ थे, इसलिए उन्हें ‘होम-बेस्ड एजुकेशन’ के तहत शिक्षा दी गई। संसाधन शिक्षक जीतेन्द्र कुमार भगत नियमित रूप से उनके घर जाकर उन्हें पढ़ाते थे। शिक्षक के मार्गदर्शन और माता-पिता (मो. अनवर आलम और नजीमा) के अटूट सहयोग ने फैजानुल्लाह की राह आसान कर दी।
प्रेरणा का स्रोत बनी सफलता: आज फैजानुल्लाह की सफलता की चर्चा पूरे झारखंड में हो रही है। उनकी यह उपलब्धि उन हजारों बच्चों के लिए उम्मीद की एक किरण है जो किसी न किसी शारीरिक चुनौती से जूझ रहे हैं। फैजानुल्लाह ने यह दिखा दिया कि ‘दिव्यांगता’ शरीर में होती है, सपनों में नहीं।
