कोडरमा. कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात अब जानलेवा हो चुका है। मंगलवार की रात हाथियों के झुंड ने दो अलग-अलग गांवों में धावा बोलकर भारी तबाही मचाई। इस खूनी संघर्ष में हाथियों ने एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे और ईंट भट्ठे पर काम कर रहे एक मजदूर को कुचलकर मार डाला। इस घटना के बाद से पूरे जयनगर इलाके में चीख-पुकार और वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।
पहली घटना: ईंट भट्ठे पर सो रहे मजदूर को कुचला मंगलवार रात करीब 11:30 बजे हाथियों का झुंड कंझियाडीह स्थित मुंशी साव के ईंट भट्ठे पर पहुंचा।
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मृतक: बिहार के फतेहपुर निवासी 30 वर्षीय मजदूर राजकुमार मांझी।
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विवरण: राजकुमार अपनी झोपड़ी में सो रहा था, तभी हाथियों ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। बीच-बचाव करने आई उसकी पत्नी गौरी देवी भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई है।
दूसरी घटना: 10 साल के अंकुश को भी नहीं बख्शा कंझियाडीह के बाद हाथियों का झुंड रात करीब 1 बजे खगराडीह के खोसा पहाड़ी स्थित भट्ठे पर पहुंचा।
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मासूम की मौत: यहां हाथियों ने बिहार के हिसुआ निवासी 10 वर्षीय अंकुश कुमार को बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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घायल: इस हमले में बच्चे की मां कारी देवी और उसका ढाई साल का छोटा भाई भी घायल हुए हैं।
एक महीने में चौथी बलि: विफल साबित हो रहा विभाग कोडरमा में मानव-हाथी संघर्ष अब बेकाबू होता जा रहा है। पिछले एक महीने के भीतर मरियमपुर, बोनकाली, मरकच्चो और सतगांव के बाद जयनगर में यह चौथी मौत है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर खदेड़ने में पूरी तरह विफल रहा है।
मुआवजा बनाम सुरक्षा: घटना की सूचना पाकर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत राशि दी गई और घायलों को सदर अस्पताल भेजा गया है। हालांकि, ग्रामीण अब केवल मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि हाथियों के झुंड को जल्द से जल्द जंगलों की ओर नहीं खदेड़ा गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
