पटना. बिहार की राजनीति के लिए 7 मई का दिन ऐतिहासिक रहा. राजधानी के गांधी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार संपन्न हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने कुल 32 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
निशांत कुमार का राजनीतिक उदय
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे चर्चित घटना पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का शपथ लेना रही. हाल ही में सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाले निशांत कुमार को मंत्री बनाकर एनडीए ने भविष्य के संकेतों को स्पष्ट कर दिया है. उनके अलावा श्रवण कुमार, विजय कुमार सिन्हा, लेशी सिंह और श्रेयसी सिंह जैसे कद्दावर चेहरों को भी जगह मिली है.
पार्टीवार मंत्रियों का समीकरण
सम्राट कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए एनडीए के सभी घटक दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है:
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भाजपा: सबसे अधिक 16 मंत्री बनाए गए (मुख्यमंत्री समेत).
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जदयू: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव सहित कुल 14 मंत्रियों को जिम्मेदारी मिली.
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लोजपा (आर): चिराग पासवान की पार्टी से 2 मंत्री बनाए गए.
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हम (HAM): जीतन राम मांझी की पार्टी से 1 मंत्री ने शपथ ली.
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रालोमो: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से उनके बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया.
प्रमुख मंत्रियों की सूची
शपथ लेने वाले प्रमुख नामों में नीतीश मिश्रा, संजय सिंह टाइगर, अशोक चौधरी, मदन सहनी, संतोष कुमार सुमन, रत्नेश सदा, जमा खान और प्रमोद कुमार शामिल हैं. महिला प्रतिनिधित्व के तौर पर लेशी सिंह, शीला कुमारी, श्रेयसी सिंह, श्वेता गुप्ता और रमा निषाद ने मंत्री पद की शपथ ली.
गांधी मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुए इस समारोह ने बिहार में एनडीए के ‘मिशन 2026’ की मजबूती को प्रदर्शित किया है. अब सभी की नजरें जल्द होने वाले विभागों के बंटवारे पर टिकी हैं.
