चाईबासा. पश्चिम सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती सारंडा वन क्षेत्र में दो दिन पूर्व आई तेज आंधी और भीषण तूफान ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई है. गंगदा पंचायत के घाटकुड़ी गांव स्थित पपरी हातु टोला में इस प्राकृतिक आपदा के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है. तूफान के दौरान भारी-भरकम बिजली का ट्रांसफार्मर पोल सहित उखड़कर जमीन पर गिर गया और शॉर्ट सर्किट के कारण जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इस हादसे के बाद से क्षेत्र के दर्जनों परिवार पिछले दो दिनों से घने अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं.
भीषण उमस और गर्मी के बीच जनजीवन बेहाल, पढ़ाई ठप
मई महीने की इस रिकॉर्डतोड़ झुलसाने वाली गर्मी के बीच अचानक बिजली गुल हो जाने से स्थानीय ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं:
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घरों में रहना दूभर: दिनभर चलने वाली उमस और लू (गर्म हवाओं) से लोग बेहाल हैं. रात के समय पंखे, कूलर व अन्य बिजली उपकरण बंद रहने के कारण उमस भरी गर्मी में घरों के भीतर पैर रखना भी मुश्किल हो गया है. इसका सबसे बुरा असर छोटे बच्चों, बीमार बुजुर्गों और महिलाओं की सेहत पर पड़ रहा है.
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छात्रों की बढ़ी परेशानी: बिजली न रहने से मोबाइल और इमरजेंसी लाइटें पूरी तरह डिस्चार्ज हो चुकी हैं. इसके चलते रात के समय रोशनी न होने से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, ऑनलाइन क्लासेस और आगामी परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह बाधित हो गई है.
पेयजल का घोर संकट और जंगली जीव-जंतुओं का बढ़ा खौफ
बिजली कटने का सीधा असर गांव की बुनियादी जल आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है:
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मोटर-पंप हुए बंद: पपरी हातु टोला के कई घरों में पानी की आपूर्ति बिजली से चलने वाले मोटर और बोरिंग पंप के जरिए होती थी, जो पिछले 48 घंटों से पूरी तरह ठप है.
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पानी के लिए भटक रहे लोग: मजबूरी में महिलाओं और ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए गांव से दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोतों और कुओं पर निर्भर होना पड़ रहा है.
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सांप-बिच्छू का खतरा: चूंकि यह पूरा इलाका घने सारंडा जंगल से सटा हुआ है, इसलिए रात के समय गांव में मुकम्मल अंधेरा रहने के कारण विषैले सांपों, बिच्छुओं और अन्य हिंसक जंगली जानवरों के घरों में घुसने का खतरा और डर काफी बढ़ गया है.
बीडीओ और बिजली विभाग को सूचना, जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
इस गंभीर जनसमस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि आगे आए हैं. गंगदा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य रामेश्वर चाम्पिया ने बताया कि आंधी में ट्रांसफार्मर के जलने और पोल टूटने की विस्तृत लिखित सूचना बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. इसके साथ ही स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है.
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से अविलंब नया ट्रांसफार्मर लगाने, टूटे पोल को बदलने और आपातकालीन स्थिति में बिजली आपूर्ति बहाल करने की पुरजोर मांग की है. इसके साथ ही ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो प्रभावित ग्रामीण सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे.
