रामगढ़. झारखंड के रामगढ़ जिले में बढ़ती गर्मी और गहराते जल संकट को देखते हुए उपायुक्त (DC) के निर्देश पर जिला प्रशासन ने विशेष जल पखवाड़ा शिविर अभियान शुरू किया है. यह अभियान 2 मई से 15 मई तक जिले की 125 पंचायतों और नगर परिषद क्षेत्र के 32 वार्डों में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जलापूर्ति की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है.
अब तक की प्रगति और मरम्मत कार्य
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार दिनकर ने बताया कि अभियान के तहत युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है:
-
शिविरों का आयोजन: अब तक 69 पंचायतों में शिविर लगाए जा चुके हैं, शेष 45 पंचायतों में आने वाले दिनों में सर्वे पूरा किया जाएगा.
-
मरम्मत कार्य: सर्वे के दौरान चिन्हित 213 चापानलों और 63 मिनी जलमीनारों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू कर दिया गया है.
-
तत्काल समाधान: छोटी तकनीकी खराबियों को मौके पर ही ठीक किया जा रहा है, जबकि बड़ी समस्याओं के लिए बजट का प्राक्कलन (Estimate) तैयार हो रहा है.
करोड़ों का बजट और नई निविदाएं
जल संकट के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने भारी भरकम राशि स्वीकृत की है:
-
प्रशासनिक स्वीकृति: ग्रामीण क्षेत्रों में 626 चापानलों के लिए 92.27 लाख और शहरी क्षेत्र की 19 जलमीनारों के लिए 23.38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
-
निविदा जारी: 360 चापानलों की विशेष मरम्मत के लिए 53 लाख रुपये की निविदा (Tender) निकाली गई है, जिसका काम शिविर के तुरंत बाद शुरू होगा.
शिकायत के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
जनता की समस्याओं को सुनने के लिए जिला प्रशासन ने नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति के साथ कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किए हैं:
इस पहल से सुदूर ग्रामीण इलाकों में पेयजल की किल्लत झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. अधिकारियों की टीम लगातार क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्था की निगरानी कर रही है.
