रामगढ़. रामगढ़ शहर में सोमवार को हुई महज आधे घंटे की बारिश ने नगर परिषद और ड्रेनेज व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी. शहर की मुख्य सड़कों से लेकर नेशनल हाईवे तक नालियों का गंदा पानी बहने से राहगीरों, एंबुलेंस और वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
सड़क और नाली का अंतर हुआ खत्म
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति इतनी विकराल हो गई कि सड़क और नाली के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया.
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यातायात प्रभावित: मेन रोड पर घंटों पानी जमा रहने से ट्रैफिक जाम लगा रहा.
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हादसों का डर: सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों के गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहा.
नेताओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश
समस्या को लेकर पूर्व विधायक और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है:
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शंकर चौधरी (पूर्व विधायक): उन्होंने कहा कि ड्रेनेज व्यवस्था का समुचित निर्माण न होने के कारण हल्की बारिश भी आफत बन जाती है.
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ब्लॉक चौक की बदहाली: स्थानीय निवासी आकाश कुमार गुप्ता ने बताया कि ब्लॉक चौक पर एनएच-33 पर नालियों का पानी बहना आम बात है, जबकि इसी मार्ग से हर दिन वीआईपी और प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं.
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साफ-सफाई का अभाव: सुमन सिंह और पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि नालियों की नियमित सफाई न होने और कई जगह ड्रेनेज न होने से गंदा पानी कॉलोनियों में घुस रहा है.
प्रशासन का आश्वासन: जल्द शुरू होगा काम
बढ़ते विरोध के बीच पथ प्रमंडल के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया है. उन्होंने बताया कि:
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पटेल चौक से सांडी तक सड़क मरम्मत का कार्य प्राथमिकता पर कराया जाएगा.
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जल निकासी के लिए नए ड्रेनेज निर्माण की योजना तैयार है.
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संभावना जताई जा रही है कि इसी माह निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने.
फिलहाल, शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले नालियों की सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से निजात मिल सके.
