रांची को ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत: कांके रोड (झिरगाटोली) से चिरौंदी तक बनेगी बिल्कुल नई सड़क; इनर रिंग रोड का दूसरा सेक्शन मंजूर, कैबिनेट जाएगा प्रस्ताव

रांची

रांची. झारखंड की राजधानी रांची के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और शहरवासियों को रोजाना के ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. कांके रोड को चिरौंदी से सीधे जोड़ने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण और बिल्कुल नई सड़क परियोजना को आधिकारिक हरी झंडी मिल गई है. विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित ‘योजना प्राधिकार समिति’ की उच्च स्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रशासनिक स्तर पर स्वीकृति प्रदान की गई. इस मंजूरी के बाद अब इस सड़क परियोजना के वित्तीय आवंटन और अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट (Cabinet Meeting) की आगामी बैठक में लाया जाएगा. इसके साथ ही कांके रोड में झिरगाटोली से चिरौंदी तक एक बिल्कुल नए बाईपास मार्ग के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

2.97 किलोमीटर लंबी बनेगी सड़क, इनर रिंग रोड का दूसरा मिसिंग लिंक होगा पूरा

यह नई सड़क केवल एक स्थानीय संपर्क मार्ग नहीं है, बल्कि यह रांची के बहुप्रतीक्षित इनर रिंग रोड (Inner Ring Road) नेटवर्क का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है:

  • पंडरा से बड़गाईं (बरियातू) का सीधा जुड़ाव: इस मिसिंग लिंक (दूसरे सेक्शन) के बन जाने से पंडरा से लेकर बड़गाईं (बरियातू) तक का पूरा इलाका इनर रिंग रोड के माध्यम से आपस में सीधे जुड़ जाएगा.

  • तीन सेक्शन में चल रहा है काम: वर्तमान में पंडरा से कांके रोड तक इनर रिंग रोड के पहले सेक्शन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. वहीं, चिरौंदी से लेम होते हुए बड़गाईं तक तीसरे सेक्शन के रूप में काम किया जा रहा है. बीच का दूसरा सेक्शन (कांके रोड से चिरौंदी) तकनीकी कारणों से स्वीकृत नहीं था, जिसे अब 2.97 किलोमीटर लंबी नई सड़क के रूप में बनाने की मंजूरी दे दी गई है.

[सेक्शन 1: पंडरा से कांके रोड] ---> (मंजूर नया सेक्शन 2: कांके रोड से चिरौंदी) ---> [सेक्शन 3: चिरौंदी से बड़गाईं]

घटेगी लंबी दूरी, मोरहाबादी और बोड़ेया जाने के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान में चिरौंदी, बोड़ेया या मोरहाबादी के आसपास रहने वाले लोगों को अगर कांके रोड की तरफ जाना होता है, तो उन्हें काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ता है:

  1. मौजूदा रूट: यात्रियों को या तो बोड़ेया से ब्लॉक चौक (कांके) होकर जाना पड़ता है या फिर मोरहाबादी मैदान और एटीसी डिपो वाले संकरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे न सिर्फ समय की बर्बादी होती है बल्कि मोरहाबादी क्षेत्र में वाहनों का दबाव भी बढ़ता है.

  2. नए रूट का लाभ: इस 2.97 किमी लंबी नई चमचमाती सड़क के अस्तित्व में आने के बाद लोग बिना किसी अतिरिक्त ट्रैफिक में फंसे चिरौंदी इलाके से सीधे और महज चंद मिनटों में कांके रोड (झिरगाटोली) निकल सकेंगे.

रामगढ़-पुरुलिया रूट के यात्रियों के लिए भी खुशखबरी: बरलंगा-गोला-मुरी सड़क को भी हरी झंडी

विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इसी महत्वपूर्ण बैठक में राजधानी के अलावा ग्रामीण और अंतर-जिला कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक और बड़ी सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है.

योजना प्राधिकार समिति ने बरलंगा से गोला-मुरी मार्ग पर 4.83 किलोमीटर लंबी सड़क सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण योजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है. इस सड़क के बन जाने से रामगढ़, गोला और बोकारो-मुरी के औद्योगिक व ग्रामीण क्षेत्रों के बीच भारी वाहनों और आम यात्रियों का आवागमन बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी.

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