देवघर. द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम में मंगलवार (21 अप्रैल 2026) की सुबह करीब 9:30 बजे एक असाधारण घटना घटी. बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के शिखर को जोड़ने वाला लाल पवित्र गठबंधन धागा अचानक बीच से टूट गया. इस घटना ने मंदिर परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल और गहरी आस्था का माहौल पैदा कर दिया.
प्रसाद के लिए मची होड़: जैसे ही गठबंधन का धागा टूटकर नीचे गिरा, वहां मौजूद तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं के बीच उसे हासिल करने की होड़ मच गई.
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भंडारियों की सक्रियता: मंदिर की छत पर तैनात भंडारियों ने तुरंत स्थिति को संभाला और काफी मशक्कत के बाद नया गठबंधन बांधा.
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पवित्र अवशेष: धागे का जो हिस्सा नीचे गिरा था, उसे लोग महाप्रसाद मानकर अपने साथ ले जाने के लिए आतुर दिखे. कई श्रद्धालुओं ने इसे साक्षात शिव-शक्ति का आशीर्वाद माना.
पुरोहितों के बीच अलग-अलग मत: इस घटना को लेकर मंदिर के तीर्थ पुरोहितों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं:
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पारंपरिक मत: कुछ पुरोहित इसे पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शुभ संकेत नहीं मान रहे हैं और इसे किसी अनहोनी या तकनीकी त्रुटि से जोड़कर देख रहे हैं.
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आध्यात्मिक मत: वहीं, पुरोहितों का एक दूसरा वर्ग इसे बाबा और मैया की इच्छा और भक्तों पर उनकी विशेष कृपा मान रहा है.
आस्था का केंद्र: बाबा धाम में गठबंधन का बहुत महत्व है. श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए बाबा और मैया के मंदिरों के बीच गठबंधन करवाते हैं. गठबंधन टूटने की घटना ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया. कई भक्त इसे अपने जीवन के लिए एक बड़ा ईश्वरीय संकेत मान रहे हैं. फिलहाल मंदिर में पूजा-अर्चना सामान्य रूप से जारी है और सुरक्षा के दृष्टिकोण से गठबंधन की मजबूती की जांच की जा रही है.
