बुनियादी सुविधाओं से वंचित देवरी का सिजुआ गांव: न सड़क न स्कूल, मरीज को चारपाई पर ढोने की मजबूरी

गिरिडीह

गिरिडीह. देवरी प्रखंड अंतर्गत तिलकडीह पंचायत का सिजुआ गांव में लोगो को बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। गांव में संपर्क सड़क, आंगनबाड़ी, स्कूल, सिंचाई, स्वास्थ्य की भी सुविधा नही है। पेयजल की सुविधा नही है। सरकार की योजनाओं की लाभ से भी लोगी को वंचित हो जाना पड़ रहा है। ग्रामीण फुलमुनि हेंब्रम, बसंती सोरेन, छोटकी बेसरा, ढेना मुर्मु, भारती मुर्मु, राकेश सोरेन, रविरंजन मरांडी आदि ने बताया कि गांव की सबसे बड़ी समस्या संपर्क सड़क का नही होना है। सड़क की सुविधा नही रहने से गांव का विकास नही हो पा रहा है। सड़क के अभाव में गांव तक चारपहिया वाहन नही पहुंच पा रहा है। वहीं आवागमन के लिए बना पगडंडीनुमा सड़क में सिर्फ दोपहिया वाहन का परिचालन हो रहा है। उबड़ – खाबड़ व सुनसान रास्ते में बाइक से आवागमन करना आसान नही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लिए सड़क नही रहने से चारपहिया वाहन गांव से दो किलोमीटर दूरी पर अवस्थित सालबहियार पर रोक देना पड़ता है। किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से बीमार हो जाने की स्थिति में गांव से सालबहियार तक मरीज को चारपाई पर लादकर ले जाना पड़ता है। समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों ने गांव के लिए पक्की सड़क बनवाने, शिक्षा के लिए स्कूल, आंगनबाड़ी, व पेयजल की समस्या को दूर करने तथा पीडीएस दुकान से नियमित रूप से खाद्यान्न वितरण करवाना सुनिश्चित करवाने की मांग की है।

“तीन किलोमीटर दूर पढ़ाई करने जाते हैं, बच्चें”

गांव में बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल की सुविधा नही रहने की वजह से यहां के छात्र – छात्राओं को पढ़ाई के लिए सालबहियार व गरही जाना पड़ रहा है। दूरी की वजह से कई बच्चे शिक्षा से वंचित हो जा रहे हैं। साथ हीं नौनिहालो के लिए आंगनबाड़ी केंद्र की सुविधा नही है। गांव में सहिया की भी नियुक्ति नही है। गर्भवती, धातृ महिला व नवजात को टीकाकरण के लिए चंदली जाना पड़ता है। वहीं गांव के अधिकांश परिवार को आवास योजना का लाभ नही मील पाया है।
“गर्मी बढ़ने के बाद नदी से लाना पड़ता है पीने का पानी”
गांव में चापाकल नही है, जल जीवन मिशन के तहत एक जलमीनार लगा है, जिससे पर्याप्त मात्रा में पानी नही मील पा रहा है, वहीं गर्मी का प्रभाव बढ़ने जलस्तर निचे चले जाने पर जलमीनार से पानी निकलना बंद हो जाता है, इसके बाद के लोगो को पीने के लिए नदी से पानी लाना पड़ता है।
“पीडीएस दुकानदार की मनमानी से त्रस्त हैं कार्डधारी”

गांव में पीडीएस दुकान की सुविधा नहीं है। कार्डधारी लाभुकों को राशन उठाव के लिए गांव से सात किलोमीटर दूर भातुरायडीह जाना पड़ता है। जहां पर कार्डधारकों को नियमित रूप से खाद्यान्न नही मील पा रहा है। कार्डधारकों के द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक पीडीएस दुकानदार ई पॉश मशीन व वेइंग मशीन लेकर गांव आता है, वेइंग मशीन में ईंट पत्थर लादकर ग्रामीणों से ई पॉश मशीन में खाद्यान्न वितरण का अंगूठा लगवा लिया जाता है। वहीं राशन के लिए पीडीएस दुकान बुलाया जाता है। पीडीएस दुकान जाने पर कभी नमक, कभी चीनी, कभी लुंगी – धोती तो कभी चना दाल लेकर घर भेज दिया जाता है। चावल का वितरण कभी कभार हीं किया जाता है। वर्तमान समय में बीते एक वर्ष से कार्डधारियों को चावल नही मील पाया है।
इस संबन्ध में देवरी के बीडीओ कुमार बंधु कच्छप ने बताया कि गांव का दौरा ग्रामीणों से समस्याओं समस्याओं की जानकारी लेकर समस्याओं लो दूर करने को लेकर आवश्यक पहल किया जाएगा।

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