झारखंड के लाल का बड़ा कारनामा: ले. कर्नल जय प्रकाश कुमार के नेतृत्व में भारतीय सेना ने माउंट कुन पर रचा इतिहास; 1 ही दिन में पूरी टीम ने फहराया तिरंगा

बोकारो

बोकारो. सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र और झारखंड के बोकारो जिले स्थित फुसरो निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार (सेना मेडल) ने एक बार फिर देश और राज्य का नाम गर्व से ऊंचा किया है. उनके कुशल नेतृत्व में भारतीय सेना के 28 सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने 17 जुलाई की सुबह 8:20 बजे लद्दाख की जांस्कर पर्वतमाला स्थित 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन (Mount Kun) चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया.

यह ऐतिहासिक सफलता भारतीय सेना के महत्वाकांक्षी ‘प्री-एवरेस्ट मैसिफ अभियान’ का मुख्य हिस्सा है, जो वर्ष 2027 में प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट, माउंट ल्होत्से और माउंट नुप्त्से पर फतह हासिल करने की तैयारी के तहत संचालित किया जा रहा है.

बर्फबारी और फिक्स्ड रोप के सहारे 9 घंटे की कठिन चढ़ाई

5 जून 2026 को नई दिल्ली से शुरू हुआ यह चुनौतीपूर्ण अभियान मौसम की मार और कठिन भूगोल के बावजूद लगातार आगे बढ़ा:

  • बेस कैंप और हाई कैंप: जुलाई के पहले हफ्ते में भारी बर्फबारी के बीच शाफत ग्लेशियर पार कर 4,500 मीटर की ऊंचाई पर बेस कैंप बनाया गया. इसके बाद 5 से 15 जुलाई के बीच 5,300 मीटर, 6,150 मीटर और 6,350 मीटर की ऊंचाई पर तीन हाई कैंप स्थापित किए गए.

  • 2,400 मीटर तक बांधी रस्सियां: खड़ी बर्फीली दीवारों, खतरनाक नाइफ रिज और समिट रिज को पार करने के लिए दल ने 2,400 मीटर तक फिक्स्ड रोप (रस्सियां) लगाईं.

  • अंतिम अभियान: 16 जुलाई की रात 11:30 बजे शुरू हुई अंतिम चढ़ाई के दौरान टीम ने लगातार 9 घंटे से अधिक समय तक बेहद विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला किया और 17 जुलाई की सुबह सफलता हासिल की.

भारतीय सेना के नाम दर्ज हुआ वर्ल्ड क्लास रिकॉर्ड

इस सफल आरोहण के साथ ही भारतीय सेना के नाम एक नया कीर्तिमान भी दर्ज हो गया है. एक ही दिन में किसी एक पर्वतारोहण दल द्वारा माउंट कुन की चोटी पर सबसे अधिक (28) पर्वतारोहियों के एक साथ पहुंचने का रिकॉर्ड अब भारतीय सेना के इस विशेष दल के नाम हो गया है.

अगला लक्ष्य: माउंट सतोपंथ अभियान

माउंट कुन पर परचम लहराने के बाद इस दल का अगला लक्ष्य उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित 7,075 मीटर ऊंची माउंट सतोपंथ चोटी होगी, जिस पर अगस्त-सितंबर 2026 में चढ़ाई की जाएगी. यह वर्ष 2027 के महा-अभियान की अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण रिहर्सल होगी.

अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं ले. कर्नल जय प्रकाश

वर्ष 2005 से भारतीय सेना में कार्यरत लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार को पर्वतारोहण में उनके अद्भुत योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. वे देश-विदेश की 55 से अधिक ऊंची चोटियों को फतह कर चुके हैं, जिसमें 2019 में माउंट एवरेस्ट और 2024 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो शामिल हैं. वर्ष 2027 में होने वाले भारतीय सेना के ऐतिहासिक एवरेस्ट मैसिफ मिशन की कमान भी वही संभालेंगे.

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