पश्चिमी सिंहभूम. झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग (Excise Department) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के मूड़आई गांव में योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में अवैध महुआ शराब जब्त की है. इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से शराब के अवैध धंधे में संलिप्त दो सगे धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम (Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
मूड़आई गांव में चल रहा था अवैध निर्माण, गुप्त सूचना पर टीम ने दी दबिश
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए उत्पाद निरीक्षक निर्भय कुमार सिन्हा ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में अवैध शराब चुलाई की शिकायतें मिल रही थीं:
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सटीक इनपुट पर कार्रवाई: विभाग को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मूड़आई गांव में कुछ लोग चोरी-छिपे बड़े पैमाने पर अवैध महुआ शराब का निर्माण कर रहे हैं और उसे स्थानीय बाजारों में खपाने की तैयारी में हैं.
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घेराबंदी कर दबोचा: सूचना के सत्यापन के बाद उत्पाद विभाग की एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए चिन्हित ठिकानों पर अचानक दबिश दी. इस दौरान मौके से 22 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई.
नवीन और कृष्णा सरदार गिरफ्तार, भेजे गए जेल
उत्पाद विभाग की टीम ने जब अवैध भट्टी और निर्माण स्थल को चारों तरफ से घेरा, तो वहां अवैध शराब के साथ मौजूद दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मूड़आई गांव निवासी नवीन सरदार और कृष्णा सरदार के रूप में हुई है. उत्पाद विभाग ने बरामद शराब और निर्माण से जुड़ी अन्य सामग्रियों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है और दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, लगातार जारी रहेगी छापेमारी: उत्पाद निरीक्षक
इस सफल कार्रवाई के बाद उत्पाद निरीक्षक निर्भय कुमार सिन्हा ने कड़े लहजे में शराब माफियाओं को चेतावनी दी है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के किसी भी कोने में अवैध शराब का निर्माण, परिवहन या बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उत्पाद विभाग की ओर से यह दंडात्मक अभियान आगे भी पूरी कड़ाई के साथ लगातार जारी रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के अवैध सामाजिक कृत्य और कारोबार से पूरी तरह दूर रहें. यदि किसी भी ग्रामीण को अपने आस-पास या वन क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण या मादक पदार्थों की तस्करी की कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस, प्रशासन या उत्पाद विभाग को दें, सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा.
