गढ़वा. गढ़वा शहर की जीवनरेखा (लाइफलाइन) कही जाने वाली ऐतिहासिक सरस्वतिया नदी के अस्तित्व को बचाने और उसे पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है. जनसहभागिता और प्रशासनिक तालमेल से चलाए जा रहे ‘आपन सरस्वतिया’ महाअभियान के 22वें दिन सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) संजय कुमार ने नदी को दोबारा प्रदूषित करने वाले तत्वों को बेहद कड़े लहजे में अंतिम चेतावनी जारी की है. नदी के गहरीकरण और चौड़ीकरण के बावजूद कुछ स्थानीय लोगों और दुकानदारों द्वारा दोबारा गंदगी फैलाए जाने की शिकायतों के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है.
गन्ने का रस बेचने वाले और व्यवसाई निशाने पर, CCTV से होगी निगरानी
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि रात-दिन की कड़ी मेहनत से नदी की सफाई किए जाने के बाद भी कुछ गैर-जिम्मेदार लोग इसमें दोबारा कचरा डाल रहे हैं:
- चिन्हित हो रहे दुकानदार: जांच में यह बात सामने आई है कि नदी तट के पास गन्ने का रस बेचने वाले कई ठेला संचालक और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायी सीधे नदी की मुख्य धारा में ही अपनी दुकानों का कचरा व गंदगी बहा रहे हैं.
- दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी: प्रशासन अब ऐसे प्रदूषण फैलाने वाले लोगों को चिन्हित करने के लिए आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रहा है. गंदगी फैलाते पकड़े जाने पर संबंधितों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने और सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं.
अवैध कब्जा करने वालों पर चलेगा बुलडोजर, बख्शे नहीं जाएंगे अतिक्रमणकारी
प्रशासन केवल गंदगी फैलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि नदी की जमीन निगलने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ भी बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी में है. सदर एसडीएम ने साफ शब्दों में संकेत दे दिए हैं कि सरस्वतिया नदी के तटीय और जलमग्न क्षेत्रों में जिन लोगों ने भी पक्का निर्माण, चहारदीवारी या किसी भी रूप में अवैध कब्जा (अतिक्रमण) कर रखा है, उन्हें कतई बख्शा नहीं जाएगा. बहुत जल्द अंचल विभाग के समन्वय से नदी की पैमाइश कराकर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान (Eviction Drive) चलाया जाएगा.
मॉनसून से पहले युद्ध स्तर पर डी-सिल्टिंग, शहर के दिग्गजों ने दिया जेसीबी का सहयोग
आगामी मॉनसून के आगमन से पहले नदी के बहाव क्षेत्र को पूरी तरह से अवरोधमुक्त और गादमुक्त करने के लक्ष्य के साथ पोकलेन और जेसीबी मशीनों के जरिए युद्ध स्तर पर डी-सिल्टिंग (गाद हटाने) का काम जारी रहा. इस पुनीत कार्य में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और प्रतिष्ठित व्यवसायियों ने भी दिल खोलकर अपना सामाजिक योगदान दिया. सोमवार को शहर के इन पांच प्रमुख सहयोगियों ने अपने निजी खर्च पर अभियान के लिए जेसीबी मशीनें उपलब्ध कराईं:
- कंचन जायसवाल (पूर्व प्रत्याशी, नगर परिषद)
- कमलेश अग्रवाल (प्रोपराइटर, बाबा कमलेश वस्त्रालय)
- राकेश पाल (वरिष्ठ समाजसेवी)
- विशाल केशरी (प्रोपराइटर, लक्ष्मी सिल्वर सेंटर)
- निशु केशरी (लक्ष्मी सिल्वर सेंटर)
गढ़वा के गौरव को वापस लाने का जनआंदोलन, नागरिक बनें पहरेदार: एसडीएम
अभियान की सफलता को रेखांकित करते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने इस कार्य को प्रशासनिक रूटीन से अलग जनता का अपना अभियान बताया.
संजय कुमार (एसडीएम, गढ़वा सदर): “पिछले 22 दिनों से बिना रुके लगातार चल रहा यह ‘आपन सरस्वतिया’ अभियान अब सिर्फ सरकारी फाइलों का काम नहीं, बल्कि गढ़वा के ऐतिहासिक गौरव और जल स्रोतों को सहेजने का एक विराट जनआंदोलन बन चुका है. इसमें हर वर्ग की भागीदारी सराहनीय है. मैं गढ़वा के आम नागरिकों और प्रबुद्ध समाज से भावुक अपील करता हूँ कि वे इस साफ की गई नदी को स्वच्छ बनाए रखने में अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं. नदी में कचरा न फेंकें और यदि कोई दूसरा ऐसा करता है तो उसे रोककर इस महाअभियान के सच्चे पहरेदार (गार्डियन) बनें.”
