कोहराम: बेटी की शादी का कार्ड बांटने निकले पिता और पूर्व मुखिया की बाइक एक्सीडेंट में मौत; शादी वाले घर में पसरा सन्नाटा, गांव में मातम

रामगढ़

रामगढ़. झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कोरांबे गांव में उस समय चीख-पुकार और शोक की लहर दौड़ गई, जब हेंसापोड़ा पंचायत के पूर्व मुखिया विशाल करमाली समेत दो लोगों की एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत की खबर सामने आई. इस दर्दनाक और हृदयविदारक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में छीन लिया. 2 जुलाई को होने वाली बेटी की शादी की तैयारियों के बीच पिता की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में गहरा सन्नाटा और गम का माहौल है.

आमने-सामने की टक्कर में एक ने मौके पर, दूसरे ने रिम्स में तोड़ा दम

पारिवारिक सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सोमवार की देर शाम उस वक्त हुआ जब दोनों अपनी बाइक से घर लौट रहे थे:

  • कार्ड बांटने गए थे विष्णुगढ़: कोरांबे गांव निवासी 48 वर्षीय जलेश्वर महतो की बेटी की शादी आगामी 2 जुलाई को होनी तय हुई है. शादी के निमंत्रण पत्र (कार्ड) बांटने के लिए वह हेंसापोड़ा पंचायत के पूर्व मुखिया विशाल करमाली (33 वर्ष) के साथ उनकी बाइक पर बैठकर विष्णुगढ़-बगोदर क्षेत्र गए थे.
  • जमनीजारा के पास हादसा: सोमवार देर शाम कार्ड बांटकर वापस लौटने के दौरान विष्णुगढ़-गोमिया मुख्य मार्ग पर जमनीजारा के समीप उनकी बाइक की सामने से आ रही एक तेज रफ्तार दूसरी मोटरसाइकिल से आमने-सामने की सीधी और जोरदार टक्कर हो गई.
  • भीषण थी भिड़ंत: टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जलेश्वर महतो ने घटनास्थल पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया. वहीं पूर्व मुखिया विशाल करमाली गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत विष्णुगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रांची के रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया. मंगलवार की सुबह इलाज के दौरान रिम्स में विशाल करमाली की भी सांसें थम गईं.

पूर्व मुखिया के निधन से राजनीतिक-सामाजिक हलके में शोक, पत्नी हैं वर्तमान मुखिया

दिवंगत विशाल करमाली क्षेत्र के एक बेहद लोकप्रिय और मिलनसार सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता थे:

  1. मुखिया परिवार: विशाल करमाली स्वयं हेंसापोड़ा पंचायत के पूर्व मुखिया रह चुके थे, जबकि वर्तमान में उनकी पत्नी गीतांजलि कुमारी तिर्की इसी पंचायत की मुखिया के रूप में कार्यभार संभाल रही हैं.
  2. पीछे छूटा परिवार: विशाल अपने पीछे पत्नी और तीन मासूम बेटों को छोड़ गए हैं. उनके आकस्मिक निधन से पूरे राजनीतिक और सामाजिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है.

बेटी की डोली उठने से पहले उठी पिता की अर्थी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

इधर, मृतक जलेश्वर महतो के घर पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी. जलेश्वर अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. जिस घर में कुछ ही दिनों बाद मंगल गीत गाए जाने थे, बेटियां और महिलाएं शादी के पकवान व तैयारियों में जुटी थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही है. शादी का कार्ड बांटने निकले पिता का शव जब घर पहुंचा, तो परिजनों के करुण क्रंदन से पूरे गांव की आंखें नम हो गईं.

घटना के बाद से कोरांबे गांव सहित आस-पास की कई पंचायतों में चूल्हा तक नहीं जला है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया है और इस घटना को क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.

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