गिरिडीह के सरिया में भू-माफिया का बोलबाला: फर्जी दस्तावेजों के सहारे बंगाली कोठियों और कीमती जमीनों पर अवैध कब्जा; धोखाधड़ी से लोग परेशान

गिरिडीह झारखंड

गिरिडीह. जिले की प्रमुख व्यावसायिक मंडी सरिया (हजारीबाग रोड) में इन दिनों जमीन के अवैध कारोबार और फर्जीवाड़े का एक बड़ा संजाल सक्रिय होने की शिकायतें सामने आ रही हैं. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भू-माफिया का एक गिरोह पुराने दस्तावेजों में हेरफेर कर और फर्जी कागजात तैयार कर गरीब, बुजुर्ग तथा शहर से बाहर रहने वाले भू-स्वामियों की जमीनों की धड़ल्ले से खरीद-बिक्री कर रहा है. इसके चलते इलाके में जमीन विवाद के साथ-साथ हिंसक झड़पों की घटनाएं भी बढ़ रही हैं.

सरिया की ऐतिहासिक बंगाली कोठियों के अस्तित्व पर संकट

1940 के दशक में हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन के समीप बसे सरिया को अपनी समृद्ध बंगाली संस्कृति और ऐतिहासिक कोठियों के लिए जाना जाता था:

  • सांस्कृतिक विरासत: आनंद भवन आश्रम, मौनी बाबा आश्रम, दुर्गाबाड़ी (केस्टो काली) मंदिर और वसु श्री कोठी जैसे स्थल आज भी इस दौर की याद दिलाते हैं.

  • भू-माफिया की गिद्ध दृष्टि: देखरेख के अभाव और बंगाली परिवारों के पलायन का फायदा उठाकर प्रॉपर्टी डीलरों ने इन ऐतिहासिक कोठियों और उनके बगीचों को औने-पौने दामों में खरीदा या फर्जी कागजातों के दम पर कब्जा कर लिया. बाद में इन भवनों को तोड़कर छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेच दिया गया.

फर्जी वसीयत, जाली रसीद और अवैध म्यूटेशन का खेल

करीब 25 हजार की आबादी वाले सरिया नगर क्षेत्र में अवैध प्रॉपर्टी डीलिंग का नेटवर्क काफी गहरा चुका है:

  • फर्जीवाड़ा: दलालों द्वारा फर्जी डीड, जाली वसीयत और फर्जी लगान रसीद तैयार कर जमीन पर अपना दावा जताया जा रहा है.

  • अवैध दाखिल-खारिज: आरोप है कि स्थानीय दलालों और प्रभावशाली लोगों के सिंडिकेट द्वारा प्रशासनिक सांठगांठ से अवैध म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) भी करा लिया जाता है.

  • कमजोर वर्ग निशाने पर: बाहर रहने वाले या आर्थिक रूप से कमजोर जमीन मालिकों की जमीन पर अवैध कब्जे के बाद विरोध करने पर उन्हें मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ता है.

थाने में बढ़ रहे मामले, पारदर्शी जांच की उठी मांग

स्थानीय लोगों का दावा है कि सरिया थाना क्षेत्र में दर्ज होने वाले मुकदमों में एक बड़ा हिस्सा जमीन विवाद से जुड़ा होता है. पीड़ित भू-स्वामियों ने अंचल कार्यालय और जिला प्रशासन से फर्जी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने, संदिग्ध रसीदों और म्यूटेशन को रद्द करने तथा अवैध प्लॉटिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है, ताकि सरिया की ऐतिहासिक विरासत को बचाते हुए आम लोगों को राहत दी जा सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *