जमुआ (गिरिडीह). सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है. हालांकि, इस जागरूकता का असर जमीनी स्तर पर कुछ लोगों के व्यवहार में नजर नहीं आ रहा है. जमुआ में जिला पुलिस द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के समाप्त होते ही सुरक्षा नियमों की अनदेखी का हैरान करने वाला मामला सामने आया.
कार्यक्रम खत्म होते ही 5 सवारियों के साथ सड़क पर उतरी बाइक
पुलिस-प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में लोगों को हेलमेट पहनने, ट्रिपल राइडिंग और ओवरलोडिंग से बचने तथा सुरक्षित वाहन चलाने की हिदायत दी गई थी. पर, कार्यक्रम स्थल के समीप ही एक व्यक्ति अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों (कुल 5 लोग) को एक ही बाइक पर बैठाकर मुख्य सड़क पर निकल पड़ा. यह देखकर आसपास मौजूद लोग दंग रह गए.
लापरवाही से बड़े हादसे का खतरा
यातायात विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार:
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गंभीर दुर्घटना का न्योता: एक बाइक पर 5 लोगों का सवार होना न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का भारी उल्लंघन है, बल्कि वाहन का संतुलन बिगड़ने या अचानक ब्रेक लगने पर जानलेवा साबित हो सकता है.
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दूसरे राहगीरों के लिए भी जोखिम: इस प्रकार की ओवरलोडिंग से चालक का नियंत्रण खत्म हो जाता है, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य राहगीर भी हादसे की जद में आ सकते हैं.
जागरूकता के साथ सख्त चालानी कार्रवाई की मांग
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन व यातायात पुलिस से मांग की है कि केवल भाषण और पोस्टर तक अभियान को सीमित न रखा जाए. नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले और अपनी व दूसरों की जान जोखिम में डालने वाले ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सड़कों पर सख्त चालानी व कानूनी कार्रवाई की जाए.
