गुमला. झारखंड के गुमला स्थित बाल संप्रेषण गृह (रिमांड होम) से शुक्रवार की सुबह सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए तीन बालबंदी फरार हो गए. फरार होने वालों में दुष्कर्म के दो आरोपी और चोरीकांड का एक आरोपी शामिल है. इस सनसनीखेज घटना के बाद रिमांड होम प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.
महज 5 मिनट में दिया घटना को अंजाम
जानकारी के अनुसार, फरारी की यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 06:18 बजे की है.
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सुरक्षा में चूक: जिस वक्त यह घटना हुई, रिमांड होम में तैनात दो सुरक्षाकर्मी बाथरूम गए हुए थे. इसी 5 मिनट के अंतराल का फायदा उठाकर तीनों बालबंदी फरार हो गए.
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पहचान: फरार होने वाले दो बालबंदी लोहरदगा जिले के हैं, जिन पर दुष्कर्म का संगीन आरोप है. तीसरा बालबंदी गुमला का है, जो चोरी के मामले में करीब 10 महीने से वहां बंद था.
जर्जर पिलर और सुनसान इलाके का उठाया फायदा
जांच में सामने आया है कि बालबंदियों ने भागने के लिए रिमांड होम की जर्जर संरचना का सहारा लिया:
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छड़ बनी सीढ़ी: शौचालय और पानी की टंकी के पास एक जर्जर पिलर से लोहे की छड़ बाहर निकली हुई थी. बालबंदियों ने उसी छड़ को पकड़कर दीवार फांदी.
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पहाड़ी रास्ता: रिमांड होम का पिछला हिस्सा सिलम पहाड़ और घने जंगल से सटा है. सुनसान और एकांत इलाका होने के कारण किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी और वे आसानी से ओझल हो गए.
नाश्ते की गिनती के दौरान खुला राज
घटना का पता तब चला जब सुबह नाश्ते के समय बालबंदियों की नियमित गिनती (रोल कॉल) की गई. तीन बंदी कम पाए जाने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया. तत्काल इसकी सूचना जिला पुलिस को दी गई.
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. फरार बालबंदियों के संभावित ठिकानों और उनके पैतृक गांवों में भी छापेमारी की जा रही है. रिमांड होम प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और जर्जर पिलर की मरम्मत समय रहते क्यों नहीं कराई गई थी.
