रांची. झारखंड राज्य आकलन प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बीच शुक्रवार को हुई बैठक के बाद शिक्षकों का आंदोलन समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में सहायक अध्यापकों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद मंत्री ने खुद शिक्षकों को मीठा खिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
18 अप्रैल से जारी था अनिश्चितकालीन अनशन: अपनी मांगों को लेकर मोर्चा के बैनर तले सहायक अध्यापक 18 अप्रैल से राजधानी के नागा बाबा खटाल स्थल पर आमरण अनशन कर रहे थे। शिक्षकों का आरोप था कि अन्य विभागों के संविदाकर्मियों को लाभ मिल रहा है, लेकिन उन्हें वंचित रखा गया है।
मंत्री का आश्वासन और अगली रणनीति: बैठक के दौरान डॉ. अंसारी ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा:
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संयुक्त बैठक की तैयारी: विभागीय मंत्री के वर्तमान में बाहर होने के कारण, उनके लौटते ही सभी पक्षों के साथ एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।
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मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता: मंत्री ने बताया कि सभी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जा चुका है और सरकार समाधान के प्रति पूरी तरह गंभीर है।
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अपील: उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक संवाद पर भरोसा रखें और अपने काम पर वापस लौटें।
सहायक अध्यापकों की प्रमुख मांगें: प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखीं:
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टेट के समकक्ष मान्यता: आकलन परीक्षा का प्रमाण पत्र जारी कर उसे ‘टेट’ (TET) के समकक्ष मान्यता दी जाए।
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परीक्षा में अवसर: आगामी सहायक आचार्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिले।
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समान काम-समान वेतन: सरकारी शिक्षकों की तर्ज पर समान कार्य के लिए समान वेतनमान लागू हो।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: संविदाकर्मियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार वेतनमान का निर्धारण किया जाए।
अनशन समाप्त होने के बाद शिक्षकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही कैबिनेट स्तर पर ठोस निर्णय लेकर उनके भविष्य को सुरक्षित करेगी।
