शर्मनाक: दुमका में तैनात कंपनी मैनेजर पर अपनी ही 15 वर्षीय बेटी के यौन शोषण का आरोप; पत्नी की शिकायत पर दुर्गापुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

झारखंड

दुमका. झारखंड की उपराजधानी दुमका और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला आपराधिक मामला सामने आया है. दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) की पुलिस ने दुमका में छापेमारी कर एक प्रतिष्ठित कंपनी के 47 वर्षीय मैनेजर (पिता) को अपनी ही 15 साल की नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने के संगीन आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी के खिलाफ उसकी सगी पत्नी (पीड़िता की मां) ने दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाना में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.

वेल्लोर में इलाज के दौरान डॉक्टर के सामने खुला खौफनाक राज

पुलिस सूत्रों और दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इस घिनौने कृत्य का खुलासा तब हुआ जब नाबालिग बेटी गंभीर रूप से बीमार पड़ी:

  • मानसिक परेशानी और अवसाद: पीड़िता बीते एक साल से अत्यंत मानसिक तनाव और गंभीर अवसाद (Depression) से जूझ रही थी. शुरुआती दौर में परिजनों ने उसका इलाज दुर्गापुर मिशन हॉस्पिटल में कराया, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.

  • वेल्लोर के डॉक्टरों से बयां की आपबीती: स्थिति बिगड़ती देख अप्रैल महीने में माता-पिता उसे बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर (तमिलनाडु) ले गए. वहाँ मनोचिकित्सक और डॉक्टरों द्वारा गहन काउंसिलिंग और पूछताछ के दौरान मासूम बच्ची फूट-फूट कर रो पड़ी और डॉक्टरों के समक्ष खुलासा किया कि उसका सगा पिता ही काफी समय से उसका यौन शोषण कर रहा है.

मां को छोड़ने की धमकी देकर मुंह बंद रखता था आरोपी पिता

काउंसिलिंग में यह बात भी सामने आई कि आरोपी पिता अपनी घिनौनी करतूत को छुपाने के लिए नाबालिग बेटी पर लगातार मानसिक दबाव बनाता था:

  1. मां को छोड़ने की धमकी: आरोपी बेटी को डराता था कि अगर उसने इस बात का जिक्र अपनी मां या किसी और से किया, तो वह उसकी मां को हमेशा के लिए छोड़ देगा और परिवार को बर्बाद कर देगा.

  2. आत्महत्या का प्रयास: इसी खौफ और मानसिक प्रताड़ना के कारण मासूम बच्ची घुट-घुट कर जी रही थी. अवसाद के इसी दौर में उसने पूर्व में खुद को खत्म करने (आत्महत्या) का भी आत्मघाती प्रयास किया था.

4 महीने पहले ही दुमका आया था मैनेजर पिता, आरोपी ने बताया साजिश

पुलिस ने बताया कि आरोपी शख्स एक प्रतिष्ठित कंपनी में पिछले 12 वर्षों से कार्यरत है. करीब चार महीने पहले ही उसका तबादला (ट्रांसफर) बतौर मैनेजर दुमका में हुआ था, जिसके बाद से वह यहीं रह रहा था. वेल्लोर से लौटने के बाद पीड़िता की मां ने सीधे दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाना में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई.

पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तुरंत दुमका पुलिस से संपर्क साधा और आरोपी को उसके ठिकाने से धर दबोचा. ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे अपने साथ दुर्गापुर ले गई है. इधर, आरोपी पिता ने पुलिस के समक्ष खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताते हुए दावों को खारिज किया है और इसे अपनी पत्नी द्वारा संपत्ति या आपसी विवाद के कारण रची गई एक सोची-समझी साजिश करार दिया है. पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है.

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