जमशेदपुर में बस यात्रियों को आंशिक राहत: ऑफ-सीजन के कारण 15 प्रतिशत किराया बढ़ोतरी का फैसला लटका; टाटा-चाईबासा रूट पर बढ़े दाम, यात्रियों से नोकझोंक

झारखंड

जमशेदपुर. झारखंड के जमशेदपुर (टाटानगर) स्थित भुइयांडीह जेपी सेतु बस पड़ाव से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत और असमंजस से भरी खबर है. डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच बस संचालकों द्वारा किराये में प्रस्तावित 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी फिलहाल जमीन पर पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी है. भीषण गर्मी, लगन (शादी-ब्याह) का सीजन खत्म होने और ‘ऑफ-सीजन’ के चलते यात्रियों की संख्या में आई भारी कमी के कारण अधिकांश बस ऑपरेटर अभी भी पुरानी दरों पर ही यात्रियों को सफर करा रहे हैं.

टाटा-चाईबासा रूट पर बढ़ी दरें; यात्रियों और बस कर्मियों में तीखी बहस

भले ही अधिकांश रूटों पर पुरानी दरें लागू हैं, लेकिन जमशेदपुर से कोल्हान के चाईबासा मार्ग पर चलने वाली बसों ने नया किराया वसूलना शुरू कर दिया है, जिससे विवाद की स्थिति बनी हुई है:

  • किराये में ₹20 की वृद्धि: टाटा-चाईबासा रूट पर चलने वाली बसों में यात्रियों से पूर्व में तय 100 रुपये के स्थान पर अब 120 रुपये वसूले जा रहे हैं.

  • नोकझोंक की स्थिति: अचानक हुई इस बढ़ोतरी के कारण रोजाना सफर करने वाले दैनिक यात्रियों और बस कंडक्टरों व स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक और बहस देखने को मिल रही है.

धनबाद, बोकारो और पुरुलिया के यात्रियों को फिलहाल राहत

चाईबासा रूट के विपरीत, भुइयांडीह बस स्टैंड से झारखंड के अन्य प्रमुख जिलों जैसे धनबाद, बोकारो और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत है. इन रूटों पर फिलहाल कोई किराया वृद्धि लागू नहीं की गई है और यात्रियों से पूर्व की भांति पुरानी दरों पर ही बुकिंग की जा रही है.

डीजल की कीमतें जिम्मेदार, सीजन आते ही पूरी तरह लागू होगा नया किराया

बस ऑनर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि किराये में यह बढ़ोतरी अस्थाई रूप से रुकी हुई है, लेकिन इसे वापस नहीं लिया जाएगा.

उपेंद्र शर्मा (मुख्य संरक्षक, बस एसोसिएशन): “डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और गाड़ियों के मेंटेनेंस (परिचालन खर्च) में हुए भारी इजाफे के कारण किराया बढ़ाना बस मालिकों की वित्तीय मजबूरी बन चुका है. इसके लिए एसोसिएशन की ओर से बाकायदा नया किराया चार्ट और सर्कुलर भी जारी किया गया है. हालांकि, वर्तमान में भीषण गर्मी और ‘ऑफ-सीजन’ होने के कारण बसों में यात्रियों की संख्या बेहद कम (सीटें खाली) रह रही है. ऐसे में यात्रियों को आकर्षित करने के लिए ऑपरेटर बढ़ी हुई दरों को सख्ती से लागू नहीं कर पा रहे हैं. जैसे ही त्योहारी सीजन या यात्रियों की संख्या सामान्य होगी, सभी रूटों पर 15% की नयी दरों को पूरी तरह प्रभावी कर दिया जाएगा.”

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