पटना सिविल कोर्ट पहुंचे ‘खान सर’: गिरफ्तारी से बचने के लिए डाली अग्रिम जमानत याचिका, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला; रौशन आनंद की बेल पर भी सुनवाई पूरी

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पटना. पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में हुए हाई-प्रोफाइल कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले में नामजद आरोपी फैसल खान उर्फ ‘खान सर’ (Khan Sir) की कानूनी लड़ाई अब अदालत की चौखट पर पहुंच गई है. पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए खान सर की ओर से आखिरकार सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Application) दायर कर दी गई. इसके साथ ही वारदात के वक्त गोली चलाने वाले उनके दोनों निजी सुरक्षाकर्मियों (गार्ड्स) की नियमित जमानत के लिए भी अर्जी लगाई गई. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिस पर अब मंगलवार (9 जून) को आदेश आ सकता है.

“आरोप पूरी तरह निराधार, गोलीबारी से मेरा कोई संबंध नहीं”

अदालत में दाखिल की गई अग्रिम जमानत याचिका में खान सर के वकीलों ने उनका पक्ष मजबूती से रखा है:

  • दावे को बताया झूठा: खान सर ने याचिका में अपने ऊपर लगे सभी आपराधिक आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है.

  • बयान पर सवाल: याचिका में कहा गया है कि 2 जून की रात कोचिंग सेंटर के बाहर हुई गोलीबारी की घटना से उनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई लेना-देना नहीं है. केवल पुलिस कस्टडी में दिए गए गार्ड्स के कथित बयान के आधार पर उन्हें इस मामले में घसीटा जा रहा है.

सरेंडर की अफवाहों पर लगा विराम, वकील ने स्थिति की साफ

एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही खान सर के लापता होने और उनके द्वारा कोर्ट में आत्मसमर्पण (Surrender) करने को लेकर कयासों का बाजार गर्म था, जिस पर उनके कानूनी सलाहकार ने विराम लगा दिया है.

अरविंद कुमार महुआर (खान सर के अधिवक्ता): “खान सर कानून का सम्मान करने वाले नागरिक हैं. मीडिया में चल रही उनके सरेंडर करने की खबरें महज अफवाह थीं. हमने नियम सम्मत तरीके से सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दे दी है. कानून और साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय इस पर उचित फैसला लेगा.”

ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद की बेल पर भी फैसला सुरक्षित

इसी कांड से जुड़े दूसरे बड़े मामले में ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के गिरफ्तार डायरेक्टर रौशन आनंद की रिहाई को लेकर भी अदालत में तीखी बहस हुई. पुलिस की ओर से उनकी रिहाई का विरोध किया गया, जिसके बाद अदालत ने इस मामले में भी अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है.

छात्रों का प्रदर्शन: गौरतलब है कि पिछले दिनों रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में ज्ञान बिंदु कोचिंग के हजारों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए थे. उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए रौशन सर को पूरी तरह निर्दोष बताया था और पुलिसिया कार्रवाई को एकतरफा करार दिया था.

2 जून की रात क्या हुआ था?

यह पूरा कानूनी विवाद 2 जून (2026) की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) संस्थान के बाहर हुए हिंसक बवाल से जुड़ा है:

  1. गैंगवार और पथराव: दो गुटों के बीच कोचिंग के बाहर जमकर पत्थरबाजी, लाठी-डंडे चले और हवाई फायरिंग की गई थी.

  2. CCTV से पहली गिरफ्तारी: पुलिस ने शुरुआती सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर रौशन आनंद को साजिश रचने और हमले के आरोप में गिरफ्तार किया था.

  3. गार्ड्स का कबूलनामा: इसके बाद सोशल मीडिया पर एक और नया वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खान सर के दो बॉडीगार्ड्स अंधाधुंध गोलियां चलाते दिखे. पुलिस ने जब दोनों गार्ड्स को दबोचा, तो उन्होंने बयान दिया कि उन्होंने खान सर के सीधे आदेश पर ही फायरिंग की थी. इसी बयान के बाद पुलिस ने खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया था.

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