रांची. झारखंड में मॉनसून की सक्रियता और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र) के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है. राजधानी रांची में शनिवार की दोपहर बाद आसमान में घने काले बादल छा गए और गरज के साथ झमाझम बारिश हुई. मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के लोगों को सतर्क करते हुए 26 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मेघ गर्जन, तेज वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है. हालांकि, राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में अब भी मॉनसून की बेरुखी बरकरार है.
21 और 22 जून को कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 48 घंटे राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए बेहद संवेदनशील हैं:
-
21 जून का हाल: झारखंड के उत्तर-पश्चिमी भाग यानी गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा (Humid) रहने की संभावना है. वहीं, राज्य के शेष हिस्सों में कहीं-कहीं गर्जन-वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं.
-
22 जून की चेतावनी: सोमवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात का भारी खतरा है. इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और बारिश के आसार हैं.
-
24 जून का विशेष पूर्वानुमान: इस दिन चतरा, गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा जिलों को छोड़कर राज्य के बाकी सभी हिस्सों में भारी गर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका है.
9 दिन बाद भी गढ़वा में ‘एक बूंद’ पानी नहीं, चतरा-साहिबगंज का भी बुरा हाल
भले ही झारखंड में मॉनसून ने 9 दिन पहले दस्तक दे दी हो, लेकिन इसका वितरण बेहद असमान है. राज्य के कुछ जिलों में सूखे जैसे हालात हैं, तो कहीं सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा रही है:
-
गढ़वा में 100% की कमी: गढ़वा जिले में मॉनसून आने के बाद से अब तक एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है. 1 जून से 20 जून के बीच यहाँ की सामान्य वर्षा 59.6 मिमी है, लेकिन इस बार यह शून्य रही, यानी सीधे 100 प्रतिशत की गिरावट है.
-
चतरा और साहिबगंज प्यासे: चतरा जिले में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 73.4 मिमी है, लेकिन अब तक महज 3 मिमी बारिश हुई है (96% की कमी). इसी तरह साहिबगंज जिला भी त्रस्त है, जहाँ सामान्य से 97 प्रतिशत कम पानी बरसा है.
रांची में सामान्य से अधिक बरसे बदरा; सिंहभूम में भी अच्छी बारिश
एक तरफ जहां पलामू प्रमंडल और संथाल के कुछ जिले पानी को तरस रहे हैं, वहीं राजधानी रांची और कोल्हान क्षेत्र में इंद्रदेव मेहरबान हैं. मौसम केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 20 जून तक रांची में सामान्य वर्षापात 97.2 मिमी होना चाहिए था, जिसके मुकाबले अब तक 100.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से 3 फीसदी अधिक है. शनिवार को भी रांची में 20 मिमी और पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में 24 मिमी रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है.
