रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में हुई धांधली मामले में सीआईडी (CID) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परीक्षा रद्द होने की संभावनाएं बेहद प्रबल होती जा रही हैं. शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से लगातार तीसरे दिन करीब 9 घंटे तक कड़ी पूछताछ की.
पूछताछ और अब तक मिली OMR शीट की कार्बन प्रतियों की जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के पुख्ता सबूत मिले हैं. OMR शीट में हेरफेर के आरोप में गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ द्वारा गलत तरीके से परीक्षा पास करने की बात स्वीकार करने के बाद इस फर्जीवाड़े पर मुहर लग चुकी है.
प्रश्नों के जवाब देने से बचते रहे पूर्व अध्यक्ष, OMR बरामदगी बनी जांच का आधार
सीआईडी अधिकारियों ने पूर्व अध्यक्ष खियांग्ते से परीक्षा संचालन, चयन प्रक्रिया, ओएमआर शीट के निजी एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के दफ्तर तक पहुंचने और OMR में हुई गड़बड़ी के जिम्मेदार लोगों को लेकर तीखे सवाल पूछे:
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खियांग्ते की चुप्पी: पूछताछ के दौरान पूर्व अध्यक्ष ज्यादातर सवालों पर चुप्पी साधे रहे या स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे.
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दफ्तर से OMR शीट बरामद: जेपीएससी और टीडीपीएल के कार्यालयों में हुई छापेमारी के दौरान कई OMR शीट जब्त की गई थीं, जो अब जांच का मुख्य आधार बनी हुई हैं.
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अन्य सदस्य भी रडार पर: पूर्व अध्यक्ष, निलंबित उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और टीडीपीएल के अधिकारियों से मिले सुरागों के आधार पर जेपीएससी के कई अन्य सदस्य भी सीआईडी के रडार पर आ गए हैं.
अभ्यर्थी सुमन सौरभ का चौंकाने वाला खुलासा: 48 सवाल हल किए, फिर भी पास
हजारीबाग पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थी सुमन सौरभ ने सीआईडी पूछताछ में फर्जीवाड़े की पोल खोलकर रख दी है:
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सिर्फ 48 प्रश्नों के उत्तर दिए: सुमन सौरभ ने स्वीकार किया कि उसने पीटी परीक्षा में केवल 48 प्रश्नों के ही गोले (उत्तर) भरे थे, फिर भी OMR में खेल करके उसे सफल घोषित कर दिया गया.
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अभिलेखों से अंतर: उसके पास से मिली OMR शीट का मिलान जब आधिकारिक अभिलेखों से किया गया, तो उसमें भारी अंतर पाया गया.
आमने-सामने बैठाकर पूछताछ, 5 आरोपी दोबारा जेल भेजे गए
सीआईडी ने रिमांड पर लिए गए टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज तिवारी, तकनीकी प्रोग्रामर मो. उस्मान, मो. एजाद और निलंबित उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की. पूछताछ पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को वापस जेल भेज दिया गया है.
2204 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में, मुख्य परीक्षा पहले ही स्थगित
गौरतलब है कि 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को राज्य के 564 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसका रिजल्ट 2 जुलाई की देर रात जारी हुआ था. इसमें कुल 2,204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए सफल घोषित किया गया था. मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित थी, जिसे धांधली का खुलासा होने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है.
