रांची. झारखंड की गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. राज्य में पिछले चार महीनों से बंद ‘टेक होम राशन’ (THR) योजना के तहत पोषाहार का वितरण अगले महीने (अगस्त) से दोबारा शुरू होने जा रहा है. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को वित्त विभाग से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है. अब अंतिम मंजूरी के लिए इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट के पास भेजा जाएगा.
विभागीय स्तर पर नई आपूर्ति एजेंसी का चयन नहीं हो पाने के कारण इस वर्ष अप्रैल महीने से पूरे राज्य में राशन का वितरण ठप था. इसके चलते योजना से जुड़े लगभग 14 लाख से अधिक लाभुक पौष्टिक आहार से वंचित चल रहे थे.
वित्त विभाग ने 6 महीने की शर्त पर दिया एजेंसियों को सेवा विस्तार
राशन वितरण के सुचारू संचालन के लिए वित्त विभाग ने पुरानी व्यवस्था को सशर्त मंजूरी दी है:
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6 महीने में पूरा करना होगा टेंडर: वित्त विभाग ने वर्तमान में राशन आपूर्ति कर रही तीन एजेंसियों को सशर्त अवधि विस्तार (एक्सटेंशन) दिया है. इसके साथ ही विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे आगामी छह महीने के भीतर पारदर्शी तरीके से नए टेंडर जारी कर नई एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया को पूरा करें.
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इन तीन एजेंसियों को मिला जिम्मा: राज्य में राशन आपूर्ति के लिए तीन प्रमुख एजेंसियों— आदित्य फ्लोर लिमिटेड, कोटा दाल मील और इंटर लिक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये तीनों कंपनियां राज्य के 8-8 जिलों (कुल 24 जिलों) में पोषाहार की सप्लाई संभालेंगी.
क्या है टेक होम राशन और क्यों बंद हुआ था वितरण?
समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभुकों को घर ले जाने के लिए सूखा राशन या रेडी-टू-कुक (आसानी से पकने वाला) पौष्टिक मिश्रण दिया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु कुपोषण दर को कम करना और उनके स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाना है. इस पोषाहार पैकेट में मुख्य रूप से दाल, सोयाबीन और मूंगफली से तैयार उच्च प्रोटीन युक्त सामग्रियां शामिल होती हैं.
गौरतलब है कि पूर्व में चयनित एजेंसियों का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया था. समय पर नया टेंडर न होने और पुरानी एजेंसियों को एक्सटेंशन न मिलने के कारण अप्रैल से यह पूरी व्यवस्था ठप पड़ गई थी, जिसे अब दोबारा बहाल किया जा रहा है.
