राजस्व कर्मियों की सरकार को चेतावनी: 2 माह में 8 सूत्री मांगें पूरी न होने पर ठप होगा पूरे झारखंड का राजस्व कार्य; राज्यस्तरीय सम्मेलन की बनाई रणनीति

रांची

रांची. झारखंड के सभी जिलों से आए राजस्व उप निरीक्षक (Revenue Sub-Inspectors) रांची शहर अंचल परिसर में एकत्रित हुए. बैठक के दौरान कर्मियों ने अपनी 8 सूत्री मांगों की समीक्षा की और सरकार द्वारा अब तक समाधान न निकाले जाने पर गहरी नाराजगी जताई.

2 महीने का अल्टीमेटम, काम ठप करने की चेतावनी

राजस्व उप निरीक्षक संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि अगले दो महीनों के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो पूरे राज्य के कर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. आंदोलन के तहत राज्यभर में जमीन व राजस्व से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह ठप करा दिए जाएंगे.

राज्यस्तरीय सम्मेलन और नई कमेटी का गठन

आंदोलन को मजबूत करने के लिए जल्द ही एक बड़ा राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया. इसके संचालन के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया:

  • अध्यक्ष: दिवाकर सिंह

  • उपाध्यक्ष: ऋतितोष झा

  • महामंत्री: चंद्र दीप गांधी

  • संयुक्त मंत्री: सुकेश रंजन

  • कोषाध्यक्ष: रविंद्र शुक्ला

बैठक में मुख्य संरक्षक भरत कुमार सिन्हा, अध्यक्ष अमर किशोर प्रसाद सिन्हा और महामंत्री दुर्गेश मुंडा सहित विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे.

संघ की मुख्य 6 प्रमुख मांगें

  1. वेतन विसंगति का समाधान: मूल वेतन का ग्रेड पे 2400 किया जाए.

  2. समयबद्ध ग्रेड पे: 3 साल की सेवा के बाद ग्रेड पे 2800 किया जाए.

  3. पदोन्नति: राजस्व उप निरीक्षक के पद से अंचल निरीक्षक (CI) के पद पर प्रोन्नति दी जाए.

  4. सीमित परीक्षा अवधि: सीमित प्रतियोगिता परीक्षा की काल अवधि घटाकर 5 वर्ष की जाए.

  5. सुरक्षा कानून: राजस्व प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए.

  6. उत्पीड़न पर रोक: जिला स्तर के वरीय अधिकारियों द्वारा उप निरीक्षकों के प्रताड़न पर रोक लगाई जाए.

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