बिना कोड गैस बांटना रांची की इंडेन एजेंसियों को पड़ा भारी: इंडियन ऑयल ने लगाया 55 लाख का जुर्माना; सिस्टम और गोदाम में मिले 1800 सिलिंडर कम

रांची

रांची. अंतरराष्ट्रीय संकट (अमेरिका-इजरायल और ईरान तनाव) के दौरान मार्च महीने में बिना डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के रसोई गैस (LPG) सिलिंडर बांटने के मामले में राजधानी रांची की गैस एजेंसियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने डीएसी का मिलान न होने और डेटा में गड़बड़ी पाए जाने पर रांची की तीन प्रमुख इंडेन गैस एजेंसियों पर कुल 55 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना ठोका है.

जिन एजेंसियों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें:

  • बरियातू स्थित आनंद गैस एजेंसी: करीब 22 लाख रुपये का जुर्माना

  • उरांव गैस एजेंसी: लगभग 23 लाख रुपये का जुर्माना

  • सुमति इंडेन: 10 लाख रुपये का जुर्माना

जुर्माने के साथ-साथ गैस वितरण में अनियमितता और सिस्टम डेटा में भारी अंतर मिलने पर संबंधित एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) भी जारी किया गया है. इसके अलावा, संकट काल में स्टॉक रजिस्टर व अन्य रिकॉर्ड में कमियां मिलने पर कई अन्य एजेंसियों को सख्त चेतावनी दी गई है.

जांच में 1800 सिलिंडर कम मिले, ऐसे खुला पूरा मामला

तेल कंपनियों की जांच में सामने आया कि एजेंसियों ने बिना डीएसी नंबर के ग्राहकों को सिलिंडर तो दे दिए, लेकिन ‘सिस्टम’ में उनकी डिलीवरी दर्ज नहीं हो सकी.

  • स्टॉक में मिला अंतर: इसके चलते कंपनी के डिजिटल सिस्टम में सिलिंडर उपलब्ध दिख रहे थे, जबकि गोदाम (गोडाउन) से वे गायब थे.

  • सिलिंडर की कमी: रांची की आनंद और उरांव गैस एजेंसी के भौतिक निरीक्षण में गोदाम और सिस्टम के आंकड़ों में 1800 सिलिंडर कम पाए गए. इसी डेटा मिसमैच और वित्तीय गड़बड़ी को आधार बनाकर कंपनियों ने भारी जुर्माना लगाया है.

एजेंसी संचालकों का तर्क: ‘सर्वर ठप था, प्रशासन के दबाव में बांटे सिलिंडर’

कार्रवाई के बाद गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि मार्च में मांग अधिक थी और सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डीएसी (DAC) कोड समय पर नहीं आ रहा था. संकट के समय किल्लत और जनता के आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के दबाव में बिना कोड के आपूर्ति करनी पड़ी थी. ऐसे में अब उसी आधार पर एकतरफा कार्रवाई करना अनुचित है.

सड़क किनारे बांटे जा रहे सिलिंडर, वसूला जा रहा होम डिलीवरी चार्ज

एक तरफ डीएसी को लेकर एजेंसियों पर सख्ती बरती जा रही है, तो दूसरी तरफ रांची शहर में 100% होम डिलीवरी न होने की शिकायतें बढ़ गई हैं:

  • नियमों की अनदेखी: कई एजेंसियां डिलीवरी वैन या ऑटो को सड़क किनारे खड़ा कर सीधे उपभोक्ताओं को सिलिंडर थमा रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है.

  • गाइडलाइंस का उल्लंघन: ग्राहकों से बाकायदा ‘होम डिलीवरी चार्ज’ वसूला जा रहा है, लेकिन डिलीवरी घर के दरवाजे तक नहीं दी जा रही, जो तेल कंपनियों की गाइडलाइंस का सीधा उल्लंघन है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *