गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम नतीजों ने राज्य की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का वर्चस्व एक बार फिर सिद्ध कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने 126 सीटों में से 82 सीटों पर जीत और बढ़त के साथ ‘सत्ता की हैट्रिक’ पूरी कर ली है। विपक्ष का सूपड़ा साफ करते हुए कांग्रेस महज 19 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।
इस चुनाव में सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का रहा है। भले ही पार्टी कोई सीट जीतने में सफल नहीं रही, लेकिन चाय बागान बाहुल्य सीटों पर झामुमो ने जिस तरह से वोट हासिल किए हैं, उसने कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ दिए हैं।
JMM का शानदार ‘डेब्यू’ और वोट बैंक में सेंध:
झामुमो ने मजबात और डिगबोई जैसी सीटों पर दूसरा स्थान हासिल कर सबको हैरान कर दिया है। मजबात सीट पर JMM की प्रीति रेखा बारला ने 29,172 वोट पाकर कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेल दिया।
JMM का सीट-वाइज प्रदर्शन (प्रमुख आंकड़े):
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मजबात: प्रीति रेखा बारला – 29,172 वोट (द्वितीय स्थान)
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भेरगांव: प्रभात दास पनिका – 21,997 वोट (तृतीय स्थान)
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डिगबोई: भरत नायक – 19,638 वोट
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मार्घेरिटा: गार्नेल मिंज – 19,228 वोट
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खूमताई: अमित नाग – 17,090 वोट
भाजपा का ‘केसरिया’ परचम:
भाजपा और उसके सहयोगी दलों (AGP और BPF) ने मिलकर राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल किया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट से 63,000 से अधिक मतों के अंतर से रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। वहीं, बोडो बेल्ट में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हेमंत सोरेन के प्रचार अभियान ने असम के ‘झारखंडी मूल’ के लोगों के बीच एक नई चेतना जगाई है, जो आने वाले समय में असम की राजनीति में एक नए क्षेत्रीय शक्ति के उदय का संकेत है। भाजपा के लिए यह जीत विकास की नीतियों और मजबूत नेतृत्व पर जनता की मुहर है।
