कोलकाता. पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हुए पथराव, नारेबाजी और हिंसक हमले के बाद राज्य प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. सुरक्षा पर मंडराते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड करते हुए उन्हें ‘एक्स’ (X) श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही, बंगाल पुलिस ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है और वीडियो फुटेज के आधार पर पांच सक्रिय टीएमसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है.
हमले के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, तैनात रहेंगे 3 कमांडो
शनिवार को सोनारपुर में अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन और शारीरिक हमले जैसी बेहद संवेदनशील स्थिति का सामना करने के बाद रविवार को सुरक्षा घेरे की समीक्षा की गई:
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सुरक्षा का नया घेरा: राज्य प्रशासन के नए आदेश के अनुसार, अब सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ हर समय अत्याधुनिक हथियारों से लैस तीन विशेष सुरक्षाकर्मी (कमांडो) मुस्तैद रहेंगे.
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पहले थी जेड प्लस सुरक्षा: सूत्रों के मुताबिक, राज्य में पूर्ववर्ती व्यवस्था/सरकार के दौरान अभिषेक बनर्जी को ‘जेड प्लस’ (Z+) श्रेणी की शीर्ष सुरक्षा हासिल थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था. अब नई परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा घेरा फिर से बहाल किया जा रहा है.
अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक के 5 करीबी कार्यकर्ता गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब गिरफ्तार किए गए आरोपियों की राजनीतिक पहचान उजागर हुई. हालांकि अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को लेकर थाने में कोई व्यक्तिगत शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन सोनारपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद केस दर्ज किया:
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पूर्व विधायक से जुड़े तार: पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी सोनारपुर दक्षिण की पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा के बेहद करीबी और इलाके के सक्रिय तृणमूल कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं. अपनी ही पार्टी के नेताओं की संलिप्तता सामने आने से राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं.
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वीडियो फुटेज से हुई पहचान: पुलिस ने घटना के समय के डिजिटल और मीडिया वीडियो फुटेज को खंगाला, जिसके आधार पर हमलावरों की पहचान की गई.
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गिरफ्तार आरोपियों के नाम: पकड़े गए आरोपियों में काजल, देवाशीष, जय सेनगुप्ता, तपन मैती और आकाश शामिल हैं. इन सभी को पुलिस ने रविवार को बारुईपुर अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है ताकि हमले की गहरी साजिश और अंतर्विरोधों का पता लगाया जा सके.
वोट के बाद की हिंसा पीड़ितों से मिलने गए थे सांसद, झेलना पड़ा भारी आक्रोश
यह पूरी घटना शनिवार की है, जब अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद (Post-Poll Violence) हुई हिंसा में प्रभावित हुए स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ताओं और उनके पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने सोनारपुर पहुंचे थे:
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काले झंडे और ‘चोर-चोर’ के नारे: जैसे ही उनका काफिला सोनारपुर के विभिन्न इलाकों से गुजरा, वहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के तीखे नारे लगाए.
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अंडे, जूते और पत्थरों से हमला: आरोप है कि उग्र भीड़ ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए उनके काफिले पर अंडे, जूते, कीचड़ और पत्थर बरसाए. हमले के दौरान उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए.
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हेलमेट पहनकर जान बचाते दिखे सांसद: समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) द्वारा जारी एक वीडियो फुटेज में स्थिति की भयावहता साफ देखी जा सकती है, जहां अभिषेक बनर्जी अपनी जान बचाने के लिए सिर पर नीले रंग का हेलमेट पहनकर बेहद बदहवास और बेबस स्थिति में सड़क पर चलते दिखाई दे रहे हैं.
इस घटना के बाद से पूर्व विधायक लवली मैत्रा और स्थानीय टीएमसी संगठन पर प्रशासनिक व राजनैतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
